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Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 ने भेजी नई तस्वीरें, देखें अंतरिक्ष से कैसे दिखते हैं पृथ्वी और चांद

नई दिल्ली : दुनिया भर की नजरें भारत के चंद्रयान-3 मिशन पर लगी हुई हैं. अमेरिका, रूस, यूरोपीय देश, चीन, जापान सहित कई देश भारत और इसरो की तरफ देख रहे हैं। इस बीच चंद्रयान-3 ने एक और चांद व पृथ्वी की तस्वीर भेजा है। भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की ताजा तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किया गया है। पृथ्वी को चंद्रयान-3 के लैंडर इमेज कैमरे द्वारा ली गई तस्वीर के साथ-साथ अंतरिक्ष यान के लूनर ऑर्बिट में एंट्री करने के एक दिन बाद चंद्रमा की तस्वीर भी दिखाई गई है। तस्वीर चंद्रयान अंतरिक्ष यान के चांद की कक्षा में प्रवेश करने के एक दिन बाद की है, यह तस्वीर छह अगस्त को ली गई थी।

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इसरो में ताजा छवियों में ओशनस प्रोसेलरम (महासागरीय तूफान) के साथ-साथ चंद्र सतह पर बड़े, अंधेरे मैदानों में से एक, एडिंगटन, एरिस्टार्चस और पाइथागोरस क्रेटर को चिह्नित किया है। ओशनस प्रोसेलरम “समुद्रों” में सबसे बड़ा है, जो चंद्रमा के उत्तर-दक्षिण अक्ष पर 2,500 किमी से अधिक तक फैला है और लगभग 4,000,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है।

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23 अगस्त को चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद
चंद्रयान-3 शनिवार 5 अगस्त को सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया था। चंद्रयान-3 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। इसके 23 अगस्त को चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद है। चंद्रयान-3 को नौ अगस्त को दोपहर दो बजे के आसपास चंद्रमा की तीसरी कक्षा में प्रविष्ट कराया जाएगा। इसके बाद 14 अगस्त और 16 अगस्त को इसे चौथी और पांचवीं कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

कैसा रहा चंद्रयान-3 का सफर?
15 जुलाई को चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक पृथ्वी की पहली कक्षा में प्रवेश किया था। इसके बाद चंद्रयान ने 17 जुलाई को पृथ्वी की दूसरी और 18 जुलाई को पृथ्वी की तीसरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया। इसके बाद 20 जुलाई को चंद्रयान ने पृथ्वी की चौथी और 25 जुलाई को पृथ्वी की पांचवीं कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक अगस्त को भारत के बहुप्रतीक्षित अभियान चंद्रयान-3 अंतरिक्षयान को पृथ्वी की कक्षा से निकालकर सफलतापूर्वक चांद की कक्षा की तरफ रवाना किया था। पांच अगस्त को चंद्रयान सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया था।

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