ग्राम पंचायत बिरीघाट में गंभीर मामला आया सामने, पूर्व सरपंच ने नर्सरी से सौर उर्जा के चार बडे प्लेटों को निकालकर ले गया अपने घर

 

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मामले की शिकायत जनपद पंचायत मैनपुर सीईओ से करने के बाद सीईओ ने बनाई जांच दल,शुक्रवार को बिरीघाट पहुचेगी जांच दल जांच के बाद पूर्व सरपंच पर होगी कार्यवाही

 

 

जनपद पंचायत मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरीघाट में वर्ष 2018-19 में पौधारोपण के लिए नर्सरी का निर्माण किया गया था, और इस नर्सरी में पौधारोपण के लिए 01 करोड 20 लाख रूपये स्वीकृत किया गया था लेकिन यहा पुरे गरियाबंद जिला में पौधारोपण के नाम पर सबसे बडा भ्रष्ट्राचार किया गया है, आज बिरीघाट के इस नर्सरी में 10 पौधे भी जिंदा नही है और इस मामले की लगातार शिकायत करने के बावजूद जनपद पंचायत और जिला पंचायत में मामला उठाने के बावजूद अब तक करोडों रूपये पौधारोपण के नाम पर हुए भ्रष्ट्राचार की जांच नही हुई और तो और एक सप्ताह पूर्व ग्राम पंचायत बिरीघाट के पूर्व सरपंच भुवन मांझी ने इस नर्सरी में सरकार के लाखों रूपये के लागत से पौधारोपण की सिंचाई करने के लिए लगाये गये,

 

सौर उर्जा के चार प्लेट को निकालकर अपने घर ले गया,

 

यह गंभीर मामला सामने आने के बाद ग्राम के लोगो में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, वही ग्राम पंचायत बिरीघाट के ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत मैनपुर पहुचकर जनपद पंचायत मैनपुर के मुख्यकार्यपालन अधिकारी नरसिंह ध्रुव से किया है, लिखित शिकायत मिलने के बाद जनपद पंचायत मैनपुर के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच दल का गठन किया है, यह जांच दल शुक्रवार या शनिवार को ग्राम बिरीघाट पहुचकर सौर उर्जा प्लेट मामले की जांच करेगी, तथा जांच रिर्पोट सौपने के बाद पूर्व सरपंच पर कार्यवाही किया जायेगा,

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मिली जानकारी के अनुसार तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग 50 किलोमीटर दुर जनपद पंचायत मैनपुर के बिरीघाट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत पौधारोपण किये जाने के लिए ग्राम पंचायत बिरीघाट को वर्ष 2018-19 में नियम विपरित 01 करोंड 20 लाख रूपये की राशि जारी किया गया, लगभग 45 हेक्टेयर जमीन में 20 हजार फलदार वृक्षों का रोपण करना था, लेकिन ग्राम पंचायत के पूर्व सरंपच व तत्कालीन सचिव ने सबंधित विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर शासन के इस महत्वपूर्ण योजना में जमकर भ्रष्ट्राचार किया और चारो तरफ 20 हेक्टयर जमीन में मात्र तार लगा दिया गया साथ ही पौधारोपण महज गिनती का किया गया,

 

आज मौके पर 100 पौधा भी जीवत नही है जबकि पौधारोपण नर्सरी के नाम पर खाद व अन्य सामग्री क्रय में लाखों रूपये के बिल बाउचर लगाये गये है यहा तक कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड भी नही लगाया गया है, बकायदा इन पौधों में पानी सिंचाई के लिए बोर खनन करवाकर लगभग 20 लाख रूपये के लागत से सौर उर्जा में सचालित होने सौर प्लेट व संयत्र लगाये गये है लेकिन एक दिन भी इसका लाभ नही मिला, और तो और एक सप्ताह पहले ग्राम पंचायत के पूर्व सरंपच भुवन मांझी सौर उर्जा प्लेट को उखाडकर अपने घर ले गया, इस मामले की शिकायत ग्राम के लेागो ने मैनपुर पहुचकर जनपद पंचायत के मुख्यकार्यापालन अधिकारी से किया है।

 

क्या कहते है ग्राम पंचायत के सचिव

ग्राम पंचायत बिरीघाट के सचिव तुकाराम नायक ने बताया कि पौधारोपण उनके कार्यकाल के पूर्व के है, और पूर्व सरपंच द्वारा सौर उर्जा पुरा सिस्टम को निकालकर अपने घर ले गया है, जिसकी शिकायत मैनपुर जनपद पंचायत के मुख्यकार्यापालन अधिकारी से किया गया है।

 

क्या कहते है सीईओ

जनपद पंचायत मैनपुर के सीईओ नरसिंह ध्रुव ने बताया कि ग्राम पंचायत बिरीघाट के ग्रामीणों ने शिकायत किया है कि पूर्व सरपंच द्वारा नर्सरी के चार सौर उर्जा प्लेट को निकालकर अपने घर ले गया है, जो गंभीर मामला है, यह सरकारी सम्पति है मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है, जल्द ही समिति बिरीघाट पहुचकर मामले की जांच करेंगी जांच उपरान्त पूर्व सरपंच पर नियमानुसार कार्यवाही किया जायेगा ।