अनुपयोगी भूमि का गांव की व्यावसायिक भूमि से किया नामांतरण, ग्रामीणों ने दर्ज कराई आपत्ति

अनुपयोगी भूमि का गांव की व्यावसायिक भूमि से किया नामांतरण, ग्रामीणों ने दर्ज कराई आपत्ति

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ग्रामीणों ने किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व में बेमेतरा कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

65 लाख रुपए प्रति एकड़ कीमत की भूमि का 5 लाख एकड़ की भूमि से नामांतरण

बेमेतरा – विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली के ग्रामीणों ने गांव की व्यवसायिक भूमि के तबादला पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व में बेमेतरा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय संगत कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि ग्राम सभा के अनुमोदन के बिना जमीन का नामांतरण कर दिया गया है। आपत्ति के बावजूद नामांतरण की कार्रवाई को पूरा किया गया। गांव की देश कीमती जमीन जिसकी कीमत 65 लख रुपए प्रति एकड़ है, जिसे 5 लाख रुपए प्रति एकड़ कीमत की भूमि से नामांतरण कर दिया गया। इसमें ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों पर मिली भगत के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से भूमि को फिर से पंचायत के नाम आरक्षित करने की मांग की है।

पूंजीपति की अनुपयोगी भूमि को व्यावसायिक भूमि से किया तबादला – ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम करेली पहन.06 स्थित भूमि खसरा नंबर 282, 284, 289 रकबा 0.62, 0.47, 0.39 का टुकड़ा 0.34 है, कुल खसरा नंबर 03 कुल रकबा 1.43 हेक्टेयर, दुर्ग निवासी पूंजीपति की पास स्थित कृषि भूमि से नामांतरण कर दिया गया। इतने ही रकबा की अनुपयोगी भूमि को पंचायत के नाम नामांतरण कर दिया गया हैं। भूमि नामांतरण पर ग्रामीणों को घोर आपत्ति है।

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पूर्व में खारिज आवेदन को फिर से किया स्वीकार – ग्रामीणों के अनुसार नामांतरण की गई शासकीय भूमि पर गांव के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार देने का एक साधन है। यह भूमि मुख्य मार्ग पर स्थित है। जिसमें ग्रामीणों के द्वारा व्यवसायिक परिसर बनाने के लिए शासकीय भूमि को आरक्षित रखे हैं। सत्र 2015 में शासकीय भूमि की क़ीमत लगभग 65 लाख रुपए प्रति एकड़ थी। तबादला किए भूमि की क़ीमत 5 लाख रुपए है। पूर्व में भी जमीन नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, जिसे ग्रामीणों की आपत्ति किए जाने पर तहसील कार्यालय से खारिज कर दिया था।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से ज्ञापन सौंप की कार्रवाई की मांग – ज्ञापन सौंपने के दौरान उपसरपंच मुरारी ठाकुर, पंच पंचराम विश्वकर्मा, पंच निर्मल पाटिल, पंच राजू पाटिल, पंच हीराबाई पाटिल, पंच रंभा धीवर, पंच सगाबाई कुर्रे, पंच बुंदिया बाई, पंच उषा देवांगन, पंच सुनील वर्मा, पंच भागीरथी जांगड़े, शिबू वर्मा, तेजनाथ वर्मा, रवि देवांगन, जित्तू यादव, वी आर पाटिल, प्रभा देवांगन, रानी शर्मा, जया वर्मा, कुसुम ठाकुर, ईश्वर पाटिल, भुनेश्वरी पाटिल, धनेश्वरी पाल, अमरीका यादव, हेमबाई यादव, उषा देवांगन, रंभा धीवर, ठगिया पाटिल, बुंदिया कुर्रे, पूर्णिमा पाल, फुलेश्वरी पाल आदि उपस्थित थे।