संत रविदास ने हमेशा सच्चाई की राह पर चलने का दिखाया मार्ग – आशीष छाबड़ा

संत रविदास ने हमेशा सच्चाई की राह पर चलने का दिखाया मार्ग – आशीष छाबड़ा

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बेमेतरा – विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ब्लाक बेरला के ग्राम पिपरोलडिह में आयोजित संत शिरोमणि रविदास जयंती एवं लोकार्पण समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में आशीष छाबड़ा पूर्व विधायक बेमेतरा शामिल हुए। संत शिरोमणि रविदास की छायाचित्र में माल्यार्पण कर 5 लाख रुपए की लागत से निर्मित मेहर समाज सामुदायिक भवन का फीता काट लोकार्पण कर भवन की चाबी समाजजनों को सौंपी। इस अवसर पर पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने समाजजनों को संबोधित करते हुऐ कहा कि बड़ा हर्ष का विषय है आज पिपरोलडीह के पावन भईया में संत शिरोमणी रविदास की जयंती की समारोह का भव्य आयोजन किया गया साथ ही समाजिक भवन का लोकार्पण का भी किया गया। संत रविदास ने हमेशा सच्चाई की राह पर चलने का मार्ग दिखाया, समाज में फैली ऊंच-नीच की भावना को लोगों के मन के अंदर से दूर किया, रविदास के दोहे पढ़ें या सुनेंगे, तो लगेगा जैसे वो सभी को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य कर रहे हैं, उनका मानना है कि सत्य का पालन करना ही भगवान की सच्ची भक्ति है, संत रविदास अध्यात्मिक गुरु के साथ-साथ समाज सुधारक भी थे। संत रविदास कहते है
हरि-सा हीरा छांड कै, करै आन की आस, ते नर जमपुर जाहिंगे, सत भाषै रविदास, अर्थात हरी के समान कीमती हीरे को छोड़कर अन्य की आशा करने वाले अवश्य नरक को जाएंगे, यानी प्रभु की भक्ति को छोड़कर इधर-उधर भटकना व्यर्थ है उनके द्वारा बनाए गए दोहों व पद लोगों को सीख प्रदान करते थे। उन्होंने अपने मन, कर्म व वचनों से समाज में फैली हुई कुरीतियों को दूर करने का कार्य किया, उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि धर्म के नाम पर झगड़ा करना व्यर्थ है, इसलिए हमें उनके जीवन से प्ररेणा लेनी चाहिए और उनके आदर्शों पर चलना चाहिए, संत ​रविदास की मशहूर कहावत ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ को ज्यादातर लोगों को बोलते हुए सुना होगा, इस कहावत का अर्थ है अगर व्यक्ति का मन शुद्ध है, किसी काम को करने की उसकी नीयत अच्छी है तो उसका हर कार्य गंगा के समान पवित्र हैं। संत रविदास बहुत ही सरल हृदय के थे और दुनिया का आडंबर छोड़कर हृदय की पवित्रता पर बल देते थे। संत रविदास ने देश में फैले ऊंच-नीच के भेदभाव और जाति-पात की बुराईयों को दूर करते हुए भक्ति भावना से पूरे समाज को एकता के सूत्र में बाधने का काम किया था, संत रविदास द्वारा बनाए गए दोहों व पदों से आमजन मानस का उद्धार हुआ है, पूर्व में जयंती कार्यक्रम में आना हुआ था उस समय आप सभी की मांग थी कि एक समाजिक भवन का निर्माण होना चहिए मैंने तत्काल अपने विधायक निधि से भवन निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत किया था आज बढ़िया भवन बनकर तैयार है, पांच वर्षो तक आप सभी की सेवा करने का अवसर मिला। इस अवसर पर गणेश सिवारे अध्यक्ष जिला मेहर समाज, विजय पारख, रामेश्वर देवांगन, इंद्रचंद जैन, धनेस्वरी चंदेल सरपंच, विरेन्द्र पाठक, चिंता कोशले, भावसिंह राज, दिनेश जोशी, मोहित पाठक, हरिशंक्त तुरकाने, रंजल लाल मिरझा, मोहन लहरे, केशव मिर्झा, पुनाराम मीर्झा, भोजराम लेसल, पंचराम शिवारे, अर्जुन पठारी, रतिराम पाठक सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारिगण/ग्रामवासी उपस्थित रहें।