भूसा की कीमतों में बढ़ोतरी लोडिंग अनलोडिंग एवं डीजल की कीमत का व्यापारी बता रहे हैं मुख्य कारण

भूसा की कीमतों में बढ़ोतरी लोडिंग अनलोडिंग एवं डीजल की कीमत का व्यापारी बता रहे हैं मुख्य कारण

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

गोपाल सिंह विद्रोही//प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़// विश्रामपुर – भूसा की लोडिंग एवं अनलोडिंग के कारण इसकी कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे पशु पलकों की बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

जानकारी के अनुसार इन दोनों भूसा व्यापारी दूर-दूर क्षेत्र से भूसा खरीद कर बस स्टैंड विश्रामपुर में अघोषित पूसा बाजार बना दिया हैं ।सुबह भूसा से भरी ट्रक ,ट्रैक्टर, 407 अन्य वाहनो मे भूसा से लदी हुई बस स्टैंड में खड़ी रहती है जहां पशुपालक पशुओं को चारा के लिए भूसा के व्यापारियों से सौदा करते हुए नजर आ जाते हैं। पशुपालक व्यापारियों से महंगा भूसा बेचने का आरोप लगाते हैं जबकि भूसा व्यापारी इन आरोपो को सीधे से खारिज करते हैं ।भूसा व्यापारी मोहन यादव ,दीपक यादव का कहना है कि डीजल का कीमत आसान छू रहा है ।वाहनों का किराया कमर तोड़ रहा है।4 रु प्रति किलो के दर से भूसा खरीदी करनी पड़ती है ।छोटा हाथी में भूसा लोड करने में 6 मजदूर लगते हैं 350 रुपए प्रति मजदुर लेते हैं। भूसा लोडिंग एवं अनलोडिंग का 350 रुपया लेते हैं इस प्रकार भूसा भुसा न हो कर सोना हो जाता है ,ऐसे में भूसा की कीमत बढ़ना स्वाभाविक है। आसपास के ग्रामों का आसपास के हीं व्यापारी खरीद लेते हैं ,कुछ स्टोर करके रख देते हैं ताकि बरसात के समय में प्रति किलो 10 -12 रु की दर से बिक सके। अभी 5 से 6 रुपए प्रति किलो की दर से घर पहुंच कर हम सब देते हैं इसके बावजूद भी पशुपालक बहुत मुल करते हैं जबकि ईमानदारी से देखा जाए की बेरोजगार होने से बेहतर है की कुछ किया जाए ,यह हमारी मजबूरी है यही कारण है कि भूसा के सीजन में भूसा का काम कर लेते हैं ।बहरहाल बरसात के मौसम की तुलना में इन दोनों भूसा की कीमत बहुत कम है। पशुपालकों को चाहिए कि 10- 12 रुपए बरसात में बिकने वाला भूसा 5 रु के दर पर खरीदारी करके स्टोर करना चाहिए ताकि आने वाले बरसात के समय में परेशानियों का सामना न करना पड़े।