पंजाब कांग्रेस में टूट का खतरा थमा नहीं है

पंजाब कांग्रेस में टूट का खतरा थमा नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन कमेटी के चेयरमैन बनाए चरणजीत चन्नी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। चन्नी ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर ही पार्टी का प्रचार कर लेंगे। इस बारे में चन्नी ने कल, शनिवार को चंडीगढ़ में MLA राणा गुरजीत के घर हुई मीटिंग के दौरान इस्तीफा देने की बात कही।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

वहीं कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से हाईकमान नाराज है। उन्हें पंजाब में कांग्रेस की गुटबाजी खत्म करने के लिए भेजा गया था। इसके लिए पूरे 5 दिन का टाइम दिया गया था लेकिन गुटबाजी कम करने के बजाय वह इसे और हवा दे गए। चन्नी गुट में प्रताप बाजवा, सुखजिंदर रंधावा और प्रगट सिंह जैसे बड़े चेहरे होने के बावजूद बघेल ने उन्हें सीरियसली नहीं लिया।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

दरअसल, एक तो बघेल ने 4 दिन सिर्फ प्रधान राजा वड़िंग के गुट के साथ ही मुलाकात में निकाल दिए। 4 दिन तक उन्होंने 9 MLA व 3 सांसदों के समर्थन वाले चन्नी गुट की परवाह नहीं की। फिर आखिरी दिन वे मिले भी तो चन्नी और वड़िंग गुट की एक साथ मीटिंग नहीं करा सके। न ही दोनों पक्षों को एक मंच पर ला सके। इसके उलट चन्नी गुट से मिलने के बाद बघेल राजा वड़िंग के साथ डिफेंडर में सवार होकर निकले तो चन्नी गुट के जख्मों पर और नमक छिड़क दिया गया।