कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने जल संरक्षण के लिए सहयोग करने की अपील की

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सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की ली बैठक

विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करने वाले साहू दम्पत्ति का किया सम्मान

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धमतरी कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी की पहल पर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्था, समाज सेवी सहित अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों को एक साथ जोड़कर रचनात्मक, सहयोगात्मक कार्य के लिए ’साथी’ मंच तैयार किया गया है। कलेक्टर सुश्री गांधी ने इस संबंध में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने गंभीर भू-जल समस्या के बारे मे जानकारी देते हुए बातया कि आज देश के कई राज्यों सहित धमतरी जिले में पानी की समस्या विकराल रूप ले रही है। अब समय आ गया है कि हम सब इस दिशा में जागरूक बनें और अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने बताया कि जिले में आगामी 21 मई से 15 जून तक जल जगार उत्सव मनाया जायेगा, जिसमें जिले के विभिन्न ग्रामों में जाकर ’नारी शक्ति से जलशक्ति कैच द रैन’ थीम पर जागरूकता लायी जाएगी। इसके तहत जिले के विभिन्न पंचायतो में गिरते भू जल स्तर में सुधार एवं ऐसे पंचायत जिनमें पानी की समस्या अथवा हैंडपंप पूरी तरह से सूख चुका है उन गांवों को चिन्हांकित किया जाएगा। साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर एवं ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए विभिन्न सरंचना बनाकर भू जल स्तर को बढ़ाने की ग्रामीणों को समझाईश दी जाएगी।
कलेक्टर सुश्री गांधी ने सभी सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए कम से कम एक गांव में भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों में अपनी सहभागिता दें। इस कार्य में जिला प्रशासन आपका पूरा सहयोग करेगा। कलेक्टर ने कहा कि आप सभी अपने घरों एवं मिल आदि में रूफटॉप स्ट्रक्चर एवं रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाएं और आसपास के लोगों को भी लगाने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर उपस्थितों द्वारा जल बचाने के लिए शपथ भी ली। शपथ में कहा गया कि हम पानी बचाने और उसके सही इस्तेमाल, पानी की हर बूंद का ख्याल रखेंगे, ’’कैच द रेन’’ अभियान को बढ़ावा देंगे, पानी को अनमोल संपदा मानेंगे और इसका सही इस्तेमाल करेंगे., हम अपने परिवार, पड़ोसियों और अधिकारियों को भी पानी का सही इस्तेमाल करने और उसे बर्बाद न करने के लिए प्रेरित करेंगे, यह ग्रह हमारा है और हम ही इसे बचा सकते हैं और अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
बैठक में नगर के चौक-चौराहों और बगीचों के सौंदर्यीकरण हेतु नगरनिगम द्वारा तैयार की कार्ययोजना का भी पावर प्वाईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही इन चौक-चौराहों और बगीचों के सौंदर्यीकरण को बचाये रखने के लिए सामाजिक संस्थाओं से अपील की गई कि वे इसकी देख-रेख और संचालित करने की जिम्मेदारी उठायें। इसके साथ उन्होंने आगामी मानसून के पूर्व किए जा रहे वृक्षारोपण के तैयारियों की चर्चा की और इसमें भी संस्थाओं के सहयोग की अपेक्षा की। इसके अलावा बैठक में जल संरक्षण संबंधी प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री रोमा श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री आंजनेय वार्ष्णेय, वनमण्डलाधिकारी श्री श्रीकांत जाधव, आयुक्त नगरपालिक निगम श्री विनय पोयाम, एसडीएम धमतरी डॉ.विभोर अग्रवाल सहित विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जल जगार कार्यक्रम में टोपी, टीशर्ट, पॉम्पलेट, मग जरिए किया जायेगा जल संरक्षण के प्रति जागरूक
कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने उपस्थितों को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में आयोजित होने वाले जल जगार कार्यक्रम में लोगों को जल संरक्षण संबंधी मोनो/लोगोयुक्त टोपी, टीशर्ट, पॉम्पलेट, मग, स्टीकर, कीरिंग इत्यादि के जरिए जागरूक किया जायेगा। आप सभी इन सामग्रियों का उपयोग कर अपने-अपने स्तर पर इस पुनीत कार्य में योगदान दे सकते हैं।
साहू दम्पत्ति का किया गया सम्मान
कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने बैठक में दौरान मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम लुगे की शिक्षिका श्रीमती रंजीता साहू और उनके पति तुमनचंद साहू का शॉल-श्रीफल, मोमेंटो देकर सम्मानित किया। दरअसल उक्त साहू दम्पत्तियों द्वारा जल संरक्षण के लिए स्वयं के खर्च पर अपने खेत में 30 लाख लीटर कैपेसिटी का तालाब बनाया है। उनका मानना है कि प्रकृति में निहित जल थल धरती आकाश अग्नि के हम सब कर्जदार हैं। इस लिए हमारा प्रयास प्रकृति को जितना हो सके संरक्षण करने का है इसी उद्देश्य से उन्होंने एक छोटे से तालाब का निर्माण कराया, जिससे वे अपने जीवन में जितने जल इस्तेमाल करते हैं उतने जल का संरक्षण तालाब के माध्यम से करते हैं। जल संरक्षण कर वे ना केवल इस पृथ्वी पर रहने वाले जीवो की रक्षा कर सकते हैं बल्कि अपनी आगे आने वाली पीढ़ी का भी संरक्षण कर सकते हैं। इसके साथ ही साहू दम्पति द्वारा 1100 बागवानी वृक्ष अपने खेतों में लगाए हैं, जिससे प्रकृति धरती आकाश एवं वायु का संरक्षण हो पाएगा। उन्होंने आर्थिक एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से स्वयं के खर्चे पर 3000 चन्दन के पौधे निःशुल्कः वितरण विद्यार्थियों को घरों एवं बाड़ी में लगाने के लिए किए।
इसके अलावा ऐसे बच्चे जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, उनकी मदद करना भी इन साहू दम्पत्तियों की प्राथमिकता है। इसके तहत वे कॉपी, किताब, पेन, ड्राइंग सामान, प्रोजेक्ट सामग्री में सहयोग करते आ रहे हैं। गणित विषय को सरलता से समझाने तथा अधिक रोचक बनाने के लिए वे आकर्षक गणित वर्णमाला टीचिंग लर्निंग मटेरियल की रचना किये, जिससे विद्यार्थियों के आत्मविश्वास बढेगा। उन्होंने स्वयं के खर्चे पर अब तक 250 स्कूलों में टीचिंग लर्निंग मटेरियल गणित वर्णमाला चार्ट के फ्लेक्स एवं कलर प्रिंट 25000 विद्यार्थियों को दे चुके हैं। इसके मद्देनजर आज कलेक्टर ने उक्त दम्पत्ति को सम्मानित किया।