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फसल बीमा से कर सकते है किसान फसल क्षति की भरपाई, फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// जिले में किसानों के द्वारा खेत की तैयारी के बाद खरीफ फसलों की बुआई प्रारंभ की जा रही है। जिन क्षेत्रों में औसतन अच्छी बारिश हुई है उन क्षेत्रों में किसान के द्वारा फसल की बुआई किया जा रहा है। किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2021 के तहत फसल को प्रतिकूल मौसम सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान में वित्तीय सहायता के लिये 15 जुलाई 2021 तक फसलों को बीमा करा सकते है। जिले में फसल धान सिंचित, धान असिंचित, सोयाबीन एवं अरहर तथा अन्य का बीमा करा सकते है। बीमा की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021 निर्धारित है। योजनांतर्गत बीमा इकाई ग्राम निर्धारित है। बीमा में शामिल किये जाने वाले कृषक-योजना के तहत ऋणी एवं अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं। ऋणी किसान ऐच्छिक आधार पर फसल बीमा करा सकते हैं, लेकिन जो ऋणी किसान बीमा कराने के इच्छुक नहीं है वह निर्धारित प्रपत्र में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021 के 7 दिवस पूर्व अर्थात 8 जुलाई तक संबंधित बैंक में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। किसान के द्वारा निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिये स्वीकृत एवं नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण का अनिवार्य रूप से बीमा किया जाना है। अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी किसान जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना में सम्मिलित हो सकते हैं। बीमा हेतु प्रीमियम राशि दर-योजना के तहत खरीफ फसलों के लिये 2 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है, जिसके अनुसार कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि 975 रुपए धान सिंचित एवं 770 रूपए धान असिंचित हेतु प्रति हेक्टेयर है। इसी प्रकार कृषक द्वारा सोयाबीन फसल के लिये 770 रूपए तथा अरहर के लिये 555 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। बीमा कराने के लिये आवश्यक दस्तावेज-ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक, सहकारी समिति द्वारा अनिवार्य रूप से किया जावेगा, उन्हें केवल घोषणा एवं बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अऋणी कृषकों को बैंक, सहकारी समिति एवं लोक सेवा केन्द्र में बीमा प्रस्ताव फार्म, नवीनतम आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व साक्ष्य (बी.1 पांचसाला) किराएदार, साझेदार कृषक का दस्तावेज, बुवाई प्रमाण पत्र एवं घोषणा पत्र प्रदाय कर बीमा करा सकते हैं। बीमा यहां कराए-किसानों द्वारा फसल बीमा कराने हेतु अपने संबंधित समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदाय कंपनी (एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। कृषकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु-एक की अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिये अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसानों को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना किसान को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी किसानों के द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में किसान के समस्त दस्तावेज को बीमा कंपनी द्वारा निरस्त किया जाएगा। किसान को अधिसूचित फसल के नाम में बदलाव करने के लिये संबंधित बैंक में लिखित रूप से बोनी प्रमाण पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021 से दो दिवस पूर्व जमा कर फसल परिवर्तन कर सकते हैं। जिन ऋणी किसानों के द्वारा फसल की बोनी कर ली गई है वह ऋण प्रदाय बैंक को फसल एवं रकबा की सूचना देवे, ताकि बैंक के द्वारा सही फसल एवं रकबे का बीमा किया जा सकें। आधार कार्ड अनिवार्य- फसल बीमा कराने के लिये समस्त ऋणी एवं अऋणी किसान को आधार कार्ड की नवीनतम एवं अद्यतन छायाप्रति संबंधित बैंक एवं संस्थान को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना है। आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में फसल बीमा नहीं किया जा सकेगा। दावा गणना- शासन या अन्य विभाग एवं संस्थाओं द्वारा अनावारी, सूखाए बाढ़ए अकाल क्षेत्र घोषित किये गये जाने पर बीमा दावा देय नहीं होगा जबकि बीमा दावा गणना आयुक्त भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में रैण्डम नंबर के आधार पर आयोजित फसल कटाई प्रयोग मुख्य एवं अन्य अधिसूचित फसल हेतु 4 (2 पटवारी एवं 2 ग्रा.कृ.वि.अ.) से प्राप्त वास्तविक उपज के आंकड़ों से की जाएगी। फसल उत्पादन के आंकलन के लिए अधिसूचित बीमा इकाई ग्राम में फसल कटाई प्रयोग आयोजित करने के उपरांत प्रयोग से प्राप्त वास्तविक उपज, थ्रेस-होल्ड उपज से कम प्राप्त होने पर बीमित किसानों को बीमित राशि के आधार पर दावा भुगतान किया जाएगा। वास्तविक उपज, थ्रेस-होल्ड उपज से अधिक होने पर दावा भुगतान की पात्रता नहीं होगी। उप संचालक कृषि द्वारा किसानों से आग्रह किया गया है कि गत वर्ष एवं इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए अधिक से अधिक संख्या में किसान अपने फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बीमा कराएं। ऐसे कृषक जो बैंक से डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, वो भी अऋणी किसान के रूप में अपने फसलों का बीमा करा सकते हैं। फसलों का बीमा करवाने हेतु समय कम होने के कारण अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए किसान स्वयं अपने नजदीकी सहकारी समिति, बैंक, लोक सेवा केन्द्र में सम्पर्क करें।

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