एलपीजी और पीएनजी आपूर्ति पर सरकार सख्त: निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश भर में एलपीजी और पीएनजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सतर्कता और प्रवर्तन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने का विशेष अनुरोध किया है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी अनियमितताओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हालिया आंकड़ों के माध्यम से स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है:
- सख्त कानूनी कार्रवाई: पिछले तीन दिनों के भीतर, एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में 10 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
- गिरफ्तारियां: प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा अब तक 3 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
- आकस्मिक निरीक्षण: तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एलपीजी वितरक प्रतिष्ठानों पर गहन निगरानी रखी है। पिछले कुछ दिनों में 460 प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण किए गए हैं।
- दंडात्मक कार्रवाई: निरीक्षणों के दौरान खामियां पाए जाने पर 42 एलपीजी वितरकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
पीएनजी विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति
सरकार का ध्यान एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन, विशेषकर पीएनजी (PNG) के विस्तार पर केंद्रित है। सुजाता शर्मा ने मार्च माह से अब तक पीएनजी क्षेत्र में हुई उपलब्धियों को साझा किया:
- गैस आपूर्ति: लगभग 8.56 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है।
- अवसंरचना विकास: 2.96 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया गया है।
- नए उपभोक्ता: इस अवधि के दौरान 8.78 लाख नए उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
सरकार की प्रतिबद्धता
संयुक्त सचिव ने स्पष्ट किया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत कालाबाजारी रोकने के लिए व्यापक अधिकार दिए हैं। यह पूरी कवायद यह सुनिश्चित करने के लिए है कि आम उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति मिलती रहे।








