एनआरआई कोटे के एडमिशन पर सरकार स्वेत पत्र जारी करे

एनआरआई कोटे के एडमिशन पर सरकार स्वेत पत्र जारी करे

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सरकार यह सुनिश्चित करे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन हो

रायपुर/ मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे में एडमिशन के मामले में सरकार स्वेत पत्र जारी करें। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पंजाब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल नजदीक रक्त संबंधी को अप्रवासी कोटे एनआरआई कोटे में मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिया सकता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह आवश्यक हो जाता है कि सरकार नई नियमावली का नोटिफिकेशन जारी करे। ताकि योग्य विद्यार्थियों का एडमिशन मेरिट के आधार पर हो सके। मुनाफाखोरी और निजी विद्यालयों के दबाव में भाजपा सरकार सर्वोच्च न्यायालय आदेशो की अनदेखी कर रही है। 24 सितंबर को माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के पश्चात छत्तीसगढ़ सरकार को अपनी चल रही भर्ती प्रक्रिया को रोक कर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए था। लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका पालन नहीं हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अप्रवासी भारतीय छात्रों के कोटे की प्रासंगिकता अब खत्म हो गई है। विदेश में रहने वाले भारतीयों के बच्चों के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल पढ़ाई की सुविधा के लिए यह कोटा निर्धारित किया गया था कालांतर में यह दूर के रिश्तेदारों और बाद में “स्पॉन्सर्ड“ कोटा शुरू कर दिया गया जिससे न केवल विदेशी छात्रों की पढ़ाई का सार्थक उद्देश्य खत्म हो गया बल्कि पिछले दरवाजे से कम मेरिट वाले छात्रों का मिली भगत से एडमिशन होने लगा। माननीय हाई कोर्ट बिलासपुर के निर्णय को आधार बना कर फिर से एडमिशन होने लगे हैं कल ही बगैर रजिस्ट्रेशन छात्रा सीट अलॉटमेंट की बात सामने आई है इससे यह साबित होता है कि मिलीभगत और पिछले दरवाजे से खेल अभी तक जारी है ।कांग्रेस का चिकित्सा प्रकोष्ठ लगातार प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की भर्ती प्रक्रिया पर अपनी नजर बनाए हुए हैं समय आने पर और भी अनियमितताओं का खुलासा किया जाएगा।

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प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार स्पष्ट करें :-
1. अप्रवासी भारतीय छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया में कितने छात्रों ने विदेशी मुद्रा या विदेशी बैंक के चेक का उपयोग फीस के रूप में किया है.
2. कितने एडमिशन लिए छात्रों का सीधा संबंध अप्रवासी भारतीयों या दूसरे देशों से है कितने छात्रों के माता-पिता विदेश में रहते हैं या कितनों के निकटतम रिश्तेदार अभिभावक के रूप में (फीस दाता के रूप में) पंजीकृत किए गए हैं?
3. प्रवासी भारतीय सर्टिफिकेट जारी करने में कौन सी प्रक्रिया अपनाई जाती है और इस अप्रवासी भारतीय सर्टिफिकेट के प्रमाणीकरण की क्या प्रक्रिया है?
4. माननीय सुप्रीम कोर्ट के 24 सितंबर के निर्णय के पहले कितने छात्रों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है और कितने छात्रों की आवेदन अप्रवासी भारतीय कोटे में रिजेक्ट किए गए हैं?
5. माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लागू करने की संभावना के बाद अप्रवासीय भारतीय पोते की सीटों को आवंटन करने की क्या प्रक्रिया है?
6. भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठने वाले प्रश्न चिन्हों को अभी तक विभाग की तरफ से आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद रक्त वंशावली के स्पष्टीकरण के लिए विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने से भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शिता और विश्वसनीयता मिलेगी ।