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अभिलेख में कूटरचना कर 13 एकड़ शासकीय भूमि को कराया था अपने नाम दर्ज

अभिलेख में कूटरचना कर 13 एकड़ शासकीय भूमि को कराया था अपने नाम दर्ज

छत्तीसगढ़ शासन के नाम पुनः दर्ज कराया भूमि

बलरामपुर/ कलेक्टर राजेन्द्र कटारा द्वारा राजस्व अभिलेखों में कूट रचना कर नाम दर्ज कराने वाले एवं फर्जी पट्टा के प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए गए थे। इसी कड़ी में तहसील सामरी के ग्राम बाटा स्थित शासकीय भूमि खसरा नम्बर 644 व 699 कुल रकबा 5.212 हे. (12.879 एकड़) के राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ व कूट रचना कर ग्राम बाटा के ही निवासी यूसुफ अंसारी पिता मोहम्मद अली के द्वारा अपने नाम पर दर्ज करा लिया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर करुण डहरिया अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुसमी द्वारा प्रकरण दर्ज कर विधिवत सुनवाई की गई। जांच तथा सुनवाई में यह पाया गया कि युसूफ अंसारी के द्वारा उक्त भूमि पर अवैध कब्जा तथा राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ कर उक्त भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया गया है। सुनवाई उपरांत न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा उक्त भूमि को छत्तीसगढ़ शासन के नाम पर वापस दर्ज किए जाने का आदेश 29 नवम्बर 2024 को पारित किया गया। साथ ही 02 दिसम्बर 2024 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुसमी करुण डहरिया, सामरी तहसीलदार शशीकांत दुबे एवं अन्य राजस्व कर्मचारियों द्वारा उक्त भूमि में लाल झंडा लगाकर भूमि का आधिपत्य प्राप्त किया गया तथा कूटरचना करने वाले यूसुफ अंसारी व अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश तहसीलदार सामरी को दिया गया है।