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उपराज्यपाल ने महावीर इंटरनेशनल स्कूल के 18वें वार्षिक समारोह को संबोधित किया!

उपराज्यपाल ने महावीर इंटरनेशनल स्कूल के 18वें वार्षिक समारोह को संबोधित किया

उपराज्यपाल ने भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास को बनाए रखने के लिए ज्ञान क्रांति की आवश्यकता पर प्रकाश डाला

जम्मू-कश्मीर में, क्षमता निर्माण और स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना मेरे उद्देश्यों में से एक रहा है और हमने छात्रों के अभिनव विचारों की शक्ति का दोहन करने के लिए सीखने का एक गतिशील और प्रतिस्पर्धी माहौल बनाया है: एलजी सिन्हा

उपराज्यपाल ने छात्रों की अंतर्निहित क्षमता को साकार करने में शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया

सीखना परीक्षण और मूल्यांकन के इर्द-गिर्द केंद्रित नहीं होना चाहिए। युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों और जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ने के लिए उचित समझ और उचित जागृति के साथ सीखना जरूरी है: एलजी

हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की मुख्य दक्षताओं को एक उज्जवल भविष्य के लिए समन्वित किया जाए: एलजी सिन्हा

जब तक शिक्षक सशक्त नहीं होंगे, छात्र सशक्त नहीं होंगे, जब तक छात्र सशक्त नहीं होंगे, राष्ट्र मजबूत नहीं बन सकता: एलजी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समर्थित कक्षा, न कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित कक्षा, हमारी भविष्य की रणनीति होनी चाहिए: एलजी ने शैक्षणिक संस्थानों से कहा

जम्मू, 08 दिसंबर: उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने आज जम्मू विश्वविद्यालय के जनरल जोरावर सिंह ऑडिटोरियम में महावीर (एमवी) इंटरनेशनल स्कूल के 18वें वार्षिक समारोह को संबोधित किया।

अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने इस अवसर पर स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी।

उन्होंने भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास को बनाए रखने के लिए ज्ञान क्रांति की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

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उपराज्यपाल ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में क्षमता निर्माण और स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करना मेरे उद्देश्यों में से एक रहा है और हमने छात्रों के अभिनव विचारों की शक्ति का दोहन करने के लिए सीखने का एक गतिशील और प्रतिस्पर्धी माहौल बनाया है।” उपराज्यपाल ने छात्रों की अंतर्निहित क्षमता को साकार करने और यह सुनिश्चित करने में शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की मुख्य दक्षताओं को एक उज्जवल भविष्य के लिए समन्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीखना परीक्षण और मूल्यांकन के इर्द-गिर्द केंद्रित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों और जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ने के लिए उचित समझ और उचित जागृति के साथ सीखना जरूरी है। उपराज्यपाल ने एक उत्पादक शिक्षण-अधिगम पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया, जहां शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक ही सीमित न हों और छात्रों के साथ अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने के लिए स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा, “जब तक शिक्षक सशक्त नहीं होंगे, छात्र सशक्त नहीं होंगे, जब तक छात्र सशक्त नहीं होंगे, राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता।” पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम पूरे देश में शैक्षिक क्रांति देख रहे हैं।

उन्होंने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव और शिक्षक-छात्र जुड़ाव को और अधिक उत्पादक बनाने में इसकी बड़ी भूमिका पर भी बात की। उन्होंने आगे इस बात पर प्रकाश डाला कि एआई तकनीक को शिक्षकों के पूर्ण प्रतिस्थापन के बजाय एक सहायक उपकरण के रूप में माना जाना चाहिए।

उपराज्यपाल ने शैक्षणिक संस्थानों से कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समर्थित कक्षा और न कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित कक्षा हमारी भविष्य की रणनीति होनी चाहिए।”

इस अवसर पर, उपराज्यपाल ने शिक्षा और विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्कूल के छात्रों द्वारा “गरुड़ वाहिनी वैष्णवी” शीर्षक से भजन वीडियो का पोस्टर भी जारी किया।

पद्म श्री प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री; पद्म श्री डॉ एसपी वर्मा; पद्म श्री मोहन सिंह; पद्म श्री रोमालो राम; एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक और सीईओ डॉ शक्ति कुमार गुप्ता और श्री बिशन सिंह दर्दी को उनके संबंधित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों ने सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। गणमान्य व्यक्तियों, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को ‘खाद्य अपव्यय रोकने’ की शपथ भी दिलाई गई।

महावीर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन श्री हीरा लाल अबरोल, स्कूल के निदेशक श्री गौरव अबरोल, प्रिंसिपल श्री कुंदन लाल डोगरा, स्कूल स्टाफ, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद थे।

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