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जनजातीय क्षेत्रों में महिला अधिकारों पर सहमति बनाने का प्रयासः मुख्यमंत्री

जनजातीय क्षेत्रों में महिला अधिकारों पर सहमति बनाने का प्रयासः मुख्यमंत्री

नारी तू नारायणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 12 महिलाओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने हिमाचल दस्तक के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल दस्तक के ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम में प्रदेश की 12 महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने चंबा जिला की अंजना वकील, कांगड़ा जिला की सीमा कुमार चौधरी, ऊना जिला की मोनिका सिंह, हमीरपुर की चेतना शर्मा, बिलासपुर जिला की रचना कुमारी, मंडी की दीक्षा, कुल्लू जिला की अनिता ठाकुर, लाहौल-स्पीति जिला की रिगोजन छोइडोन, किन्नौर जिला की रतन मंजरी, शिमला जिला की कमला चौहान, सोलन जिला की नील कमल तथा सिरमौर जिला की खुशनुमा को सम्मानित किया।

सभी को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के उत्थान एवं कल्याण को विशेष प्राथमकिता प्रदान कर रही है तथा पिछले दो वर्षों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं आरंभ की गई हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटियों में आत्म विश्वास बढ़ा है, जो हमारे समाज की बदलती सोच को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने हिमाचल दस्तक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह चुनौतियों का सामना करने वाली महिलाओं के सम्मान देने का उचित मंच है। उन्होंने कहा ‘‘मैं पिछले वर्ष भी इस कार्यक्रम में आया था। मैं इस आयोजन के लिए सलाम करता हूँ।’’

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मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नौर जिला की रतन मंजरी महिला अधिकारों के लिए पिछले कई वर्षों से लड़ाई लड़ रही हैं क्योंकि जनजातीय क्षेत्रों में कानून के तहत महिलाएं कई अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने कहा ‘‘मैं महिलाओं को भी समान अधिकार देने का पक्षधर हूँ। किसी के अधिकारों को वंचित करना अच्छी बात नहीं है। हमारी सरकार इस दिशा में सहमति बनाने की कोशिश कर रही है और सहमति बनाने के बाद कानून को बदलने से भी पीछे नहीं हटेंगे।’’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद सचिवालय जाने की परंपरा को तोड़कर बालिका आश्रम गया। उन्होंने कहा कि सभी 6000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रुप में अपनाने के लिए देश का पहला कानून बनाया। दूसरे बजट में विधवाओं के 23 हजार बच्चों की 27 वर्ष तक की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की अपील की ताकि वह स्वस्थ जीवन जी सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जलवायु को बचाए रखने के लिए राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा यह एक सोच है और आने वाली पीढ़ियों को बचाने का प्रयास है। पांच राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल निर्मित करनेे का कार्य शुरू हो चुका है और अन्यों का भी चरणबद्ध तरीके से निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है। पिछली सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में गिरावट आई है, जिसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन आइडल फेम नेहा दीक्षित और गायक एसी भारद्वाज ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, विवेक शर्मा, हिमाचल दस्तक के अध्यक्ष के. डी. श्रीधर, मुख्य संपादक हेमंत, राज्य ब्यूरो प्रमुख मस्त राम डलेल, सचिव राखिल काहलों, उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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