वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी पिथौरा निलंबित

वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी पिथौरा निलंबित

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

धान खरीदी केन्द्रों के पर्यवेक्षण और पदीय दायित्वों का निर्वहन में जानबूझकर लापरवाही बरतने के कारण हुआ निलंबन

महासमुंद//राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य के अंतर्गत उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण और पर्यवेक्षण में लापरवाही और कदाचरण के आरोप में श्री एस.के. डे, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी, विकासखंड पिथौरा, जिला महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा के माध्यम से प्रेषित प्रतिवेदन के अनुसार संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत की गई है। श्री एस.के. डे पर जानबूझकर लापरवाही और मनमानी करने का आरोप है, जिससे राज्य शासन के महत्वपूर्ण कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। यह आचरण सेवा नियमों के प्रतिकूल पाया गया। निलंबन के दौरान एस.के. डे का मुख्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने की पात्रता होगी।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

उल्लेखनीय है कि विगत शुक्रवार को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा विकासखण्ड पिथौरा के पथरला, जाड़मुड़ा, आरंगी और नरसैयापालम धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया था। जिसमें श्री एस.के.डे. द्वारा विकासखण्ड पिथौरा में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों में समुचित रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण नहीं किया जाना पाया था। इसके अलावा धान के बोरे फड़ में बिना स्टैकिंग के रखा गया था जो भौतिक सत्यापन के योग्य नहीं था। उनके द्वारा शासन के महत्वपूर्ण कार्य धान खरीदी में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में जानबूझकर लापरवाही किया जाना पाया गया था। फलस्वरूप उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था।