देश का बजट नहीं सिर्फ अमीर घराने का बजट-सुनील सिंह

देश का बजट नहीं सिर्फ अमीर घराने का बजट-सुनील सिंह

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट लॉलीपॉप बजट है आम आदमी को इससे कोई विशेष राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
जहां अपने देश में 5 किलो राशन भारतीय जनता पार्टी की सरकार 80 करोड लोगों को वितरित करने की योजना का निरंतर प्रचार करती रही है है वहीं दूसरी ओर 12 लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देने की बात अमृत काल में ही हो सकती है जिसके लिए सप्ताह भर में पृथक से योजना तैयार करने की बात कही गई है , बजट में लाखों करोड़ों योजनाओं की सपना दिखाकर और कागजों पर खाका तैयार किया जाता है परंतु हकीकत में बजट की प्रावधानित राशि का 40% भी योजनाओं पर खर्च नहीं होता।
असल में जो हो रहा है उसे देश में दिखाया नहीं जा रहा है केंद्र सरकार का बजट पूरी तरह से जुमलेबाजी है देश अंधेरे में है और देश के वित्त मंत्री ने फिर से जुमला उछाल दिया है बजट में छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को ठगा गया है आदिवासी हित को प्राथमिकता देने की बात की जाती है, आम आदमी गरीब जनता के लाभ का बजट बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता, वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में गरीबों की आवाज पर कुछ भी नहीं है मनरेगा योजना को लेकर कोई बात नहीं की गई है महंगाई बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था को लेकर इस बजट में निराश किया है आदिवासियों के विकास का बजट कम कर दिया गया है किसानों के लिए एमएसपी पर बजट में कोई बात ही नहीं की गई है। यह सिर्फ और सिर्फ चुनावी बजट है ₹200 में खाने का तेल खरीदने के लिए जनता को मजबूर किया गया है महंगाई पर किसी भी तरह की कोई बात नहीं की गई है बेरोजगारी पर इस जुमला बजट में कुछ भी नहीं है यह आम आदमी का बजट न होकर अंबानी और अडानी जैसे लोगों के लिए बनाई गई बजट प्रतीत होती है मध्यम वर्ग के लिए बजट में कुछ भी नहीं है जो छूट देने की बात कही जा रही है उसे मध्यम वर्ग को कितना लाभ होगा यह आने वाला समय ही बताएगा कुल मिलाकर यह वर्तमान में कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनावी बजट कहा जा सकता है।
बिहार पर केंद्रित केंद्रीय बजट में बिहार मखाना बोर्ड मिथिलांचल में नहर परियोजना आईआईटी पटना में सीट बढ़ाने बिहार में नया ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फूड टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट की स्थापना करना जैसी कई घोषणाएं है जो सिर्फ बिहार के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दिए गए हैं, अन्य चुनावी राज्यों के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं हैं। इस बजट में पंजाब हरियाणा हिमाचल उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का नाम तक नहीं लिया गया है यह बजट गरीबों को और गरीब औरअमीर को और अमीर बनने वाला बजट है।
इस बजट में टैक्स टेररिज्म से छूट मिलने की उम्मीद देश को थी जीएसटी में मूलभूत सुधारो की जरूरत है उस पर कोई बात नहीं हुई है मिडिल क्लास को टैक्स में छूट मिलेगी निजी निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा अर्थव्यवस्था की दुर्दशा देश देख रही है बजट से उम्मीद नहीं है कि देश के हालात बदलेंगे बेरोजगारी हटेगी। कुल मिलाकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत सत्ता बचाने वाला बजट दिखता है।