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जिले में 5.31 लाख मेट्रिक टन धान उपार्जित 11495 हेक्टेयर रकबा समर्पण के साथ कांकेर जिला पहले स्थान पर

जिले में 5.31 लाख मेट्रिक टन धान उपार्जित 11495 हेक्टेयर रकबा समर्पण के साथ कांकेर जिला पहले स्थान पर

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उत्तर बस्तर कांकेर/ खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत जिले के 149 धान खरीदी केन्द्रों के माध्यम से 05 लाख 31 हजार 429 मेट्रिक टन का उपार्जन किया गया। इसके लिए 05 लाख 44 हजार 224 मेट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसी तरह रकबा समर्पण के मामले में भी कांकेर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिले के 38 हजार 22 किसानों के द्वारा 11 हजार 495 हेक्टेयर रकबे का समर्पण किया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले के 01 लाख 05 हजार 576 किसानों ने 01 लाख 45 हजार 508 हेक्टेयर क्षेत्र का पंजीयन धान बेचने हेतु कराया था, इनमें से 94 हजार 734 किसानों ने 01 लाख 2 हजार 414 हेक्टेयर रकबे का धान 149 उपार्जन केन्द्रों में बेचा, जो कि कुल रकबे का 70 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में धान की अधिक खरीदी हुई है। खरीदे गए धान की उठाव के लिए आवश्यकतानुसार डीओ एवं टीओ जारी किया गया है। यह भी बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों के द्वारा रकबा समर्पित किए जाने के मामले में कांकेर जिला प्रथम स्थान पर है। जिले के 38 हजार 22 किसानों के द्वारा 11 हजार 495 से अधिक हेक्टेयर रकबे का समर्पण किया गया, जो पूरे राज्य में स्थान पर है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि लगभग साढ़े 11 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पित किए जाने से शासन का लगभग 187 करोड़ रूपए की बचत हुई है। साथ ही समितियों में अवैध रूप से धान की आवक पर रोक लगी है।

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