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प्रयागराज महाकुंभ 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्रिवेणी संगम में किया पुण्य स्नान, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

प्रयागराज महाकुंभ 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्रिवेणी संगम में किया पुण्य स्नान, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर// महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है।

मुख्यमंत्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है।

मुख्यमंत्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है।

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