रोजगार से समृद्धि की ओर: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से जगदीश गुप्ता बने सफल उद्यमी, 10 लोगों को दिया रोजगार

रोजगार से समृद्धि की ओर: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से जगदीश गुप्ता बने सफल उद्यमी, 10 लोगों को दिया रोजगार

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अंबिकापुर, 06 मार्च 2025: सरकार द्वारा सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेकर कई युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है जगदीश गुप्ता की, जिन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर अपना बेकरी व्यवसाय सफलतापूर्वक स्थापित किया और अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सफल रहे। उनका यह सफर संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प से भरा हुआ है, जो अन्य उद्यमियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

लकड़ी के भट्ठे से आधुनिक मशीन तक का सफर

अंबिकापुर के मायापुर में रहने वाले जगदीश गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने अपने बेकरी व्यवसाय की शुरुआत एक साधारण लकड़ी के भट्ठे से की थी। पारंपरिक तरीके से काम करने में अधिक समय और मेहनत लग रही थी, जिससे उत्पादन सीमित था और लाभ कम था। आर्थिक तंगी के कारण वह अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में इंटरनेट के माध्यम से जानकारी मिली। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग कार्यालय से संपर्क किया और योजना की विस्तृत जानकारी लेने के बाद इस योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लिया। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने बेकरी व्यवसाय को आधुनिक रूप देने के लिए नई मशीनें खरीदीं।

नई मशीनों के उपयोग से उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई और गुणवत्ता में भी सुधार आया। आधुनिक तकनीकों को अपनाने से न केवल उनकी बेकरी का उत्पादन बढ़ा, बल्कि उत्पादों की बाजार में मांग भी बढ़ गई। वर्तमान में, उनके उद्योग में 10 लोग कार्यरत हैं, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम हुए।

पीएमईजीपी के तहत मिला अनुदान और वित्तीय सहयोग

जगदीश गुप्ता बताते हैं कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत उन्हें लोन पर 15 प्रतिशत का अनुदान मिला, जिससे उनकी आर्थिक बोझ कम हुआ। इस योजना के माध्यम से उन्हें अपनी बेकरी के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में मदद मिली।

उन्होंने बताया कि बेकरी संचालन से उन्हें सालाना तीन से साढ़े तीन लाख रुपये तक की बचत हो रही है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही है। उनका लक्ष्य अपने व्यवसाय को और विस्तार देना है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।

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स्वरोजगार से आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ते कदम

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर जगदीश गुप्ता ने न केवल अपने जीवन को बदला बल्कि कई अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं का सही उपयोग कर कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है।

सरकार की योजनाएं बनीं मददगार

सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं न केवल नए उद्यमियों को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक बनाने में भी मदद कर रही हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित कर सकें। इस योजना के तहत मिलने वाले लोन और अनुदान से व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिल रही है।

जगदीश गुप्ता की प्रेरणादायक कहानी

जगदीश गुप्ता की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की सोच रखते हैं। उनका यह सफर यह दर्शाता है कि सही योजना, कठोर परिश्रम और सही मार्गदर्शन से किसी भी व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सरकार की योजनाएं वास्तव में युवाओं के सपनों को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

भविष्य की योजनाएं और लक्ष्यों की ओर बढ़ते कदम

अपने व्यवसाय को और विस्तार देने की योजना के तहत जगदीश गुप्ता अब अपनी बेकरी में उत्पादों की विविधता बढ़ाने की सोच रहे हैं। वे ग्राहकों की मांग को ध्यान में रखते हुए बेकरी में नए-नए उत्पाद शामिल करना चाहते हैं। इसके अलावा, वे ऑनलाइन बिक्री की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक लोगों तक पहुंच सके।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जगदीश गुप्ता का सफर यह साबित करता है कि स्वरोजगार के माध्यम से न केवल आर्थिक समृद्धि प्राप्त की जा सकती है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बनाए जा सकते हैं। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो अपने व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं और आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि सही योजना और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सफलता निश्चित है।