महिला सशक्तिकरण का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में विराट नारी शक्ति का ऐतिहासिक संगम

महिला सशक्तिकरण का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में विराट नारी शक्ति का ऐतिहासिक संगम

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रायपुर, 08 मार्च 2025 – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में वृहद महतारी वंदन सम्मेलन और राज्य स्तरीय महिला मड़ई का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में पूरे प्रदेश से 50,000 से अधिक माताएं, बहनें और बेटियां शामिल हो रही हैं। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा, बल्कि इसे सामाजिक उत्थान और आर्थिक स्वावलंबन को एक नई दिशा देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

महिलाओं को मिलेगा महतारी वंदन योजना की 13वीं किश्त का लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को योजना की 13वीं किश्त का भुगतान किया जाएगा। पिछले वर्ष 10 मार्च 2024 को इस योजना की पहली किश्त का भुगतान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में किया गया था। अब तक 12 किश्तों में कुल 7,838 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके सम्मान को बढ़ाने के उद्देश्य से इस योजना के तहत प्रत्येक विवाहित महिला को वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए हैं, जिनमें कई महिलाओं ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा बताया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए ‘सम्मान सुविधा प्रणाली’ का शुभारंभ

इस ऐतिहासिक अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए “सम्मान सुविधा प्रणाली” की शुरुआत की जा रही है। यह एक डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली होगी, जिसके माध्यम से फेशियल रिकग्निशन सिस्टम द्वारा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति दर्ज होगी और उन्हें सीधे राज्य सरकार से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय समय पर और बिना किसी बाधा के मिलने से वे अपने कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। इस नई प्रणाली को लागू करने से राज्य सरकार ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया है।

छत्तीसगढ़ बनेगा ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की SOP लागू करने वाला पहला राज्य

महिला सुरक्षा और संकटग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिए राज्य सरकार ने ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को लागू करने का निर्णय लिया है। यह केंद्र महिलाओं को कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधाएं और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा, महिलाओं को अब डिजिटल सुविधा के तहत मोबाइल एप के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करने का विकल्प मिलेगा।

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यह पहल छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बना देगी जो सखी वन स्टॉप सेंटर के सुचारू संचालन हेतु निर्धारित SOP लागू करेगा। यह महिला सुरक्षा को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और नए पोर्टल का शुभारंभ

महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत एक विशेष पोर्टल का शुभारंभ कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य राज्य में बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करना है। इसके अतिरिक्त, इंफ्रा पोर्टल तथा स्थापना पोर्टल की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे महिला एवं बाल विकास योजनाओं का संचालन और अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगा।

राज्य स्तरीय महिला मड़ई: महिला उद्यमिता और स्वावलंबन को बढ़ावा

4 से 8 मार्च 2025 तक आयोजित राज्य स्तरीय महिला मड़ई में महिला स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। यह मड़ई महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।

प्रदेशभर से आईं महिलाओं ने हस्तशिल्प, बुनाई, जैविक उत्पाद, और गृह-निर्मित खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु भी विशेष स्टॉल लगाए गए हैं, ताकि महिलाओं को इन योजनाओं की पूरी जानकारी मिल सके।

महिला सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का होगा सम्मान

इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 32 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 3 सर्वश्रेष्ठ सखी वन स्टॉप सेंटर, 2 नवा बिहान योजना के महिला संरक्षण अधिकारी सहित अन्य विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।

यह सम्मान उन महिलाओं को मिलेगा, जिन्होंने समाज में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके योगदान को मान्यता देकर राज्य सरकार महिलाओं को और अधिक प्रेरित करने का प्रयास कर रही है।

महिला शक्ति का महोत्सव: छत्तीसगढ़ में नारी सशक्तिकरण की नई इबारत

इस पूरे आयोजन को छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ को अधिकतम महिलाओं तक पहुंचाने के लिए इस आयोजन का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी अपनी भूमिका को प्रभावी बना रही हैं। महिला शक्ति के इस विराट संगम से छत्तीसगढ़ एक नया इतिहास रचने के लिए तैयार है।