सरगुजा में सनसनीखेज हत्या: पोते ने दादा को ईंट से कुचल डाला, पुलिस ने चंद घंटों में किया गिरफ्तार!

सरगुजा में सनसनीखेज हत्या: पोते ने दादा को ईंट से कुचल डाला, पुलिस ने चंद घंटों में किया गिरफ्तार!

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सरगुजा, 16 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र के नागम गांव की है, जहां पारिवारिक विवाद के चलते पोते ने अपने दादा की ईंट से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

हत्या की यह घटना 14 मार्च 2025 की रात करीब 9:00 बजे की है, जब नागम गांव में रहने वाले 33 वर्षीय दिनेश नगेशिया और उसके 70 वर्षीय दादा लटीराम नगेशिया के बीच बैल बांधने को लेकर विवाद हो गया। लटीराम ने अपने पोते से बैल को ठीक से न बांधने की बात पर नाराजगी जताई और उसे डांटा। इस पर दिनेश भड़क गया और गुस्से में आकर पास पड़ी ईंट उठाकर अपने दादा के सिर, चेहरा, कनपटी, पीठ और अन्य हिस्सों पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण लटीराम की मौके पर ही मौत हो गई।

इस दौरान पड़ोसी हुमेश्वर नागेशिया, जो मृतक लटीराम का पड़ोसी था, ने झगड़े की आवाज सुनी और घटनास्थल पर पहुंचा। वहां उसने लटीराम को खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा पाया। जब उसने दिनेश से घटना के बारे में पूछा, तो दिनेश ने बताया कि गुस्से में आकर उसने अपने दादा पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही हुमेश्वर नागेशिया ने तुरंत लुंड्रा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने सबसे पहले शव का पंचनामा तैयार किया और आवश्यक फोरेंसिक जांच करवाई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर लुंड्रा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने जांच तेज करते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी दिनेश नगेशिया को गिरफ्तार कर लिया।

हत्या के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मृतक के परिवारजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। घटनास्थल पर मौजूद सबूतों का विश्लेषण किया गया। आरोपी दिनेश से कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि दादा द्वारा डांटे जाने से वह बेहद गुस्से में आ गया और गुस्से में आकर ईंट से हमला कर दिया।

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आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

इस पूरे मामले में लुंड्रा थाना पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज प्रजापति के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक शिवचरण साहू, आरक्षक संजय केरकेट्टा, राजेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र खलखो, शिव प्रसाद खलखो और निरंजन बड़ा ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

पुलिस की यह मुस्तैदी बताती है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और किसी भी गंभीर अपराध पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

यह घटना समाज में बढ़ते गुस्से और असहनशीलता का एक उदाहरण है। पारिवारिक विवाद और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते गुस्से के कारण कई बार बड़ी घटनाएं घट जाती हैं। इस मामले में भी यही हुआ, जब एक सामान्य विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली।

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि गुस्से और आक्रोश को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। कई बार लोग तनाव में आकर क्रोध में गलत फैसले ले लेते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें और उनके परिवार को लंबे समय तक भुगतना पड़ता है। इस घटना से यह सीख मिलती है कि गुस्से में किए गए निर्णय जीवनभर की परेशानी का कारण बन सकते हैं।

सरगुजा जिले में पुलिस लगातार गंभीर अपराधों पर कार्रवाई कर रही है। हाल के दिनों में पुलिस द्वारा हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इससे अपराधियों में डर का माहौल बना है और अपराधों में भी कमी आई है।

लुंड्रा पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्यवाही के कारण जिले में कानून-व्यवस्था बनी हुई है।

आरोपी दिनेश नगेशिया को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आगे पुलिस इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि न्यायालय में इस मामले की सुनवाई किस प्रकार होती है और आरोपी को क्या सजा दी जाती है।

इस घटना से समाज को यह सीख लेनी चाहिए कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने से कभी-कभी गंभीर अपराध हो जाते हैं, जिनका परिणाम जीवनभर भुगतना पड़ता है। परिवारों में आपसी समझ और सहनशीलता जरूरी है, ताकि ऐसे हादसे टाले जा सकें।

सरगुजा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानून का पालन करना और समाज में शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।