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सूरजपुर: जनगणना-2027 का आगाज, प्रगणक दल पहुंचे घर-घर; 30 मई तक चलेगा डिजिटल सर्वेक्षण | Pradesh Khabar

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स्थान: सूरजपुर (छत्तीसगढ़)
तारीख: 02 मई 2026

जनगणना-2027 का प्रथम चरण प्रारंभ: सूरजपुर में घर-घर पहुंच रहे प्रगणक, डिजिटल पोर्टल पर दर्ज हो रही जानकारी

सूरजपुर: शासन के दिशा-निर्देशानुसार जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का महाभियान सफलतापूर्वक प्रारंभ हो गया है। प्रगणक और पर्यवेक्षक अब घर-घर पहुंचकर CMMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सर्वेक्षण का कार्य कर रहे हैं। सूरजपुर जिले के सभी अनुविभागों में मकान सूचीकरण और गणना का यह महत्वपूर्ण कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक निरंतर संचालित होगा।

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अभियान की मुख्य बातें:

  • कार्य की अवधि: 01 मई से 30 मई 2026 तक।
  • तकनीक: CMMS पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल सर्वे।
  • लक्ष्य: प्रत्येक घर तक पहुंचकर सटीक और गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन।

क्षेत्रों में सक्रियता: चार्ज अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

अभियान के पहले दिन प्रगणक दलों को विधिवत रवाना किया गया। दूसरे दिन भी चार्ज अधिकारियों ने विभिन्न नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों में प्रगणकों के कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर मकान सूचीकरण कार्य का जायजा ले रहे हैं।

इन क्षेत्रों में हुआ निरीक्षण:

नगर पंचायत शिवनंदनपुर, नगर पंचायत विश्रामपुर सहित ग्राम पंचायत पर्री, लटोरी, कुबेरपुर, महोली एवं चोंगा में सर्वेक्षण कार्य की प्रगति देखी गई। प्रगणकों को कार्य में सटीकता बरतने और डिजिटल पोर्टल पर त्रुटिहीन प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर एस. जयवर्धन की अपील: “सटीक जानकारी देकर बनें सहभागी”

कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में पूरे जिले में इस कार्य की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना के इस ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। प्रगणक दलों के आपके घर पहुंचने पर उन्हें सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि नागरिकों की सहभागिता से ही जनगणना का यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सकेगा।

गौरतलब है कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाती है। प्रगणकों की प्रगति रिपोर्ट की जिला स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि 30 मई की समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।