मुरैना रेल हादसा: आग की अफवाह बनी मौत का कारण
मुरैना, मध्य प्रदेश: हेतमपुर रेलवे स्टेशन के पास एक दर्दनाक रेल हादसे में 4 यात्रियों की दुखद मौत हो गई। यह हादसा एक छोटी सी अफवाह के कारण हुआ जिसने चार परिवारों को हमेशा के लिए बिखेर दिया।
हादसे का घटनाक्रम
- समय और स्थान: रविवार शाम करीब 4:15 बजे, झांसी रेल मंडल के हेतमपुर-धौलपुर सेक्शन के पास यह घटना हुई।
- शुरुआत: खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (19665) में जनरल कोच के अंदर आग लगने की अफवाह फैल गई। घबराए हुए यात्रियों में भगदड़ मच गई।
- चेन पुलिंग: डर के कारण किसी यात्री ने अलार्म चेन खींच दी, जिससे ट्रेन बीच सेक्शन में रुक गई।
- विनाशकारी निर्णय: अफरा-तफरी में यात्री ट्रेन से नीचे कूदकर बगल वाली पटरी (ट्रैक) पर चले गए।
- टक्कर: उसी समय आगरा की तरफ से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजरी, जिसकी चपेट में आकर 4 लोगों की मौत हो गई।
तकनीकी और स्थितिजन्य कारण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां ट्रैक पर करीब 1.8 मीटर का तीखा मोड़ (Curve) है। इस मोड़ के कारण पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट को ट्रैक पर खड़े यात्री समय रहते दिखाई नहीं दिए। हालांकि, लोको पायलट ने 90 किमी/घंटा की रफ्तार पर होने के बावजूद 600 मीटर की दूरी से इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन को रुकने में समय लगा और हादसा नहीं टल सका।
मृतकों की सूची
| नाम | उम्र | पता |
|---|---|---|
| आफरीन खान | 35 वर्ष | आगरा |
| असद खान | 04 वर्ष | आगरा |
| शकुंतला परमार | 60 वर्ष | आगरा |
| बिरमा देवी | 60 वर्ष | बीकानेर |
अधिकारियों का संदेश
झांसी रेलवे डिवीजन के DRM अनिरुद्ध कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रेन में आग लगने की कोई वास्तविक घटना नहीं हुई थी, यह सिर्फ एक अफवाह थी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में ट्रेन से नीचे न उतरें और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।












