पीएम जनमन: धमतरी की दिनेश्वरी के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव, पक्के घर ने बदली तस्वीर
धमतरी, 16 जून 2026: किसी भी परिवार के लिए अपना सुरक्षित घर केवल चार दीवारों का ढांचा नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव होता है। धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पीपरहीभर्री (ग्राम पंचायत कौहाबाहरा) की रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति ‘कमार’ समुदाय की दिनेश्वरी के लिए यह सपना वर्षों तक अधूरा था, जिसे ‘प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान’ (पीएम जनमन) ने हकीकत में बदल दिया है।
संघर्षों भरा अतीत
दिनेश्वरी और उनके पति छन्नू का जीवन लंबे समय तक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में बीता। परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन वनों से प्राप्त लघु वनोपज का संग्रहण और दिहाड़ी मजदूरी थी। सीमित आय के कारण उन्हें बांस, मिट्टी और घास-फूस से बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर होना पड़ा।
बारिश के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती थी। घर की दीवारें सीलन से कमजोर हो जाती थीं और छत से पानी टपकता था। हर पल घर ढहने का भय और जंगल के समीप होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा परिवार की नींद उड़ाए रखता था।
पीएम जनमन: आशा की नई किरण
इन तमाम चुनौतियों के बीच ‘पीएम जनमन’ योजना उनके जीवन में एक नई आशा लेकर आई। इस योजना के अंतर्गत दिनेश्वरी को पक्के आवास की स्वीकृति मिली। जिला प्रशासन की निगरानी में उनके लिए एक सुरक्षित एवं सुविधायुक्त घर का निर्माण पूर्ण हुआ।
आज यह पक्का मकान केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि दिनेश्वरी के परिवार के लिए आत्मसम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है। अब उन्हें निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त हैं:
- सुरक्षित आवास: पक्की ईंट और सीमेंट का मजबूत ढांचा।
- मूलभूत सुविधाएं: घर में बिजली, शुद्ध पेयजल और शौचालय की उपलब्धता।
- बेहतर कनेक्टिविटी: सड़क संपर्क सुधरने से स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक सुगम पहुंच।
बदलता जीवन, बेहतर भविष्य
दिनेश्वरी भावुक होकर बताती हैं, “पहले हर बारिश हमारे लिए चिंता का सबब होती थी। घर टूटने का डर और बच्चों की सुरक्षा की फिक्र हमेशा सताती थी। अब हमें पक्का घर मिला है। हम सुरक्षित महसूस करते हैं और हमारे बच्चों का भविष्य भी उज्ज्वल दिखाई दे रहा है। सरकार की इस योजना ने हमारे जीवन की दिशा बदल दी है।”
योजना का उद्देश्य और प्रभाव
‘पीएम जनमन’ योजना विशेष रूप से देश की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। दिनेश्वरी की सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचता है, तो उनका जीवन पूरी तरह बदल जाता है।
आज दिनेश्वरी का परिवार आत्मविश्वास और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है। उनका यह अनुभव न केवल कमार समुदाय के अन्य परिवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी नीतियां समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में किस प्रकार सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
समाचार सेवा, धमतरी









