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सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन: जगदलपुर आरटीओ का निर्देश, सभी स्कूल-कॉलेज बसों का फिटनेस टेस्ट अनिवार्य





बस्तर: स्कूली बसों की फिटनेस जांच के लिए आरटीओ द्वारा विशेष शिविर, सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन अनिवार्य

बस्तर: स्कूली बसों की फिटनेस जांच के लिए आरटीओ द्वारा विशेष शिविर, सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन अनिवार्य

जगदलपुर, 16 जून 2026 | प्रदेश खबर नेटवर्क

विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जगदलपुर (बस्तर संभाग) के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों — जैसे कॉलेज, आईटीआई और स्कूलों — के बसों एवं वाहनों के लिए एक विशेष जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

जांच शिविर का विवरण

  • तिथियां: 19 एवं 20 जून 2026
  • समय: प्रातः 09:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक
  • स्थान: कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कुरंदी रोड, आड़ावाल, जगदलपुर

अनिवार्य दस्तावेज और प्रक्रिया

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों के संचालकों को निर्देशित किया है कि उक्त शिविर में निरीक्षण के लिए प्रस्तुत की जाने वाली प्रत्येक बस और वाहन का दस्तावेजों का एक पूरा सेट साथ लाना अनिवार्य है। इसमें वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और बीमा से संबंधित सभी कागजात शामिल होने चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा गाइडलाइन्स: क्या है जरूरी?

स्कूली वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। जांच के दौरान निम्न बिंदुओं की गहनता से जांच की जाएगी:

  • बाहरी पहचान: बस के आगे और पीछे ‘स्कूल बस’ स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। यदि बस किराए पर ली गई है, तो ‘ऑन स्कूल ड्यूटी’ अंकित होना अनिवार्य है।
  • रंग और सुरक्षा: बस का रंग अनिवार्य रूप से पीला (Golden Yellow) होना चाहिए। खिड़कियों पर ग्रिल लगी होनी चाहिए।
  • अग्नि सुरक्षा और प्राथमिक उपचार: बस में फर्स्ट-एड बॉक्स और चालू स्थिति में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) का होना अनिवार्य है।
  • गति सीमा: वाहनों में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए, ताकि गति सीमा 40 किमी/घंटा से अधिक न हो।
  • सीसीटीवी और जीपीएस: सुरक्षा की दृष्टि से बसों में सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
  • अतिरिक्त सुरक्षा: बस में एक प्रशिक्षित अटेंडेंट का होना अनिवार्य है।

सख्त चेतावनी: उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि पर शैक्षणिक संस्थान अपने वाहनों को निरीक्षण के लिए प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर:

  • वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीयन और परमिट निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
  • अनियमितता पाए जाने पर या बिना फिटनेस के संचालित वाहनों को तत्काल प्रभाव से निरुद्ध (Seize) कर दिया जाएगा।

प्रबंधन से अपील

परिवहन विभाग ने शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों से आग्रह किया है कि वे छात्रों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील बनें। यह शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारे बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का एक माध्यम है। सभी संचालकों को समय सीमा के भीतर अपने वाहनों की जांच पूर्ण कर लेने का अंतिम अवसर दिया गया है।


अधिक जानकारी के लिए संबंधित शिक्षण संस्थान अपने कार्यालय रिकॉर्ड अपडेट रखें और जगदलपुर आरटीओ कार्यालय में संपर्क करें।