भाजपा का सामाजिक न्याय विरोध: आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का हमला

भाजपा का सामाजिक न्याय विरोध: आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का हमला

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रायपुर, 18 मार्च 2025। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा सरकारी ठेकों में आरक्षण लागू करने के फैसले के बाद भाजपा की आपत्ति को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है, जो हमेशा से सामाजिक न्याय का विरोध करती रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यकों को सरकारी ठेकों में 4% आरक्षण देने का फैसला किया है, लेकिन भाजपा को यह मंजूर नहीं है। भाजपा इस फैसले को लेकर भ्रामक प्रचार कर रही है कि केवल मुस्लिमों को आरक्षण दिया गया है, जबकि हकीकत यह है कि यह सभी वंचित वर्गों को समान अवसर देने के लिए उठाया गया कदम है।

कर्नाटक सरकार का फैसला और भाजपा की आपत्ति
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने राज्य की सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है कि दो करोड़ तक के सरकारी निर्माण कार्यों में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के ठेकेदारों को 4% आरक्षण मिलेगा। कांग्रेस का तर्क है कि इससे सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

लेकिन भाजपा ने इस फैसले का विरोध किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस मुस्लिमों को तुष्टिकरण की राजनीति के तहत आरक्षण दे रही है। कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से झूठ और भ्रामक करार दिया है और कहा है कि यह आरक्षण संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है।

छत्तीसगढ़ में आरक्षण बिल पर गतिरोध
कांग्रेस ने कर्नाटक के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी भाजपा पर सामाजिक न्याय विरोधी होने का आरोप लगाया है। दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा ने आरक्षण विधेयक को रोककर यह साबित कर दिया है कि वह वंचितों को उनका हक नहीं देना चाहती।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने विधानसभा से पारित कर 76% आरक्षण का विधेयक राजभवन भेजा था, लेकिन भाजपा सरकार के इशारे पर इसे रोका गया। इस विधेयक में आदिवासियों के लिए 32%, ओबीसी के लिए 27%, एससी के लिए 13% और आर्थिक रूप से कमजोर अनारक्षित वर्ग के लिए 4% आरक्षण का प्रावधान किया गया था।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा इस विधेयक को क्यों रोक रही है? अगर भाजपा आरक्षण समर्थक होती, तो राज्यपाल अब तक इस पर हस्ताक्षर कर चुके होते। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा का इरादा दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनके अधिकारों से वंचित करने का है।

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भाजपा पर संविधान खत्म करने का आरोप
दीपक बैज ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह आरक्षण विरोधी नीतियों के जरिये संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने देश के वंचित वर्गों को समान अवसर देने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था, लेकिन भाजपा इसे लगातार कमजोर कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की है और वह आरक्षित वर्गों के विकास की विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में आर्थिक असमानता बढ़ी है और दलितों, आदिवासियों तथा ओबीसी को उनके हक से वंचित रखा गया है।

वन अधिकार अधिनियम में बदलाव पर हमला
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आदिवासियों के अधिकार छीनने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने वन अधिकार अधिनियम में संशोधन कर आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन के उनके अधिकारों से वंचित कर दिया है।

दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार ने देश में पहली बार कमर्शियल माइनिंग की अनुमति दी, जिससे पूंजीपतियों को फायदा हुआ लेकिन आदिवासियों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पर्यावरण की अनदेखी कर माइनिंग को बढ़ावा दिया और इससे आदिवासी समुदायों की आजीविका पर संकट आ गया।

आरएसएस और भाजपा पर हमला
कांग्रेस ने अपने बयान में भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे मूल रूप से आरक्षण विरोधी हैं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।

दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता सिर्फ अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब भी सत्ता में आती है, गरीबों और वंचितों के अधिकार छीनने का काम करती है।

कांग्रेस का संकल्प: वंचितों को न्याय
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हमेशा वंचित वर्गों के हक की बात करते हैं और सभी समुदायों के साथ न्याय का समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जब भी सत्ता में आएगी, वह वंचितों को उनका हक दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की दुष्प्रचार की राजनीति को जनता समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में भाजपा को इसका जवाब मिलेगा।

कांग्रेस ने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए उसे सामाजिक न्याय विरोधी बताया है। कर्नाटक में सरकारी ठेकों में आरक्षण के मुद्दे से लेकर छत्तीसगढ़ में आरक्षण विधेयक को रोकने तक, कांग्रेस ने भाजपा पर वंचित वर्गों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस का कहना है कि भाजपा दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के खिलाफ साजिश रच रही है और आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा की ओर से इस पर कोई ठोस जवाब नहीं आया है। यह मुद्दा आगामी चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, जहां भाजपा को अपने रुख को स्पष्ट करना होगा।