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आईआईएम रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात, पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में आमंत्रण

आईआईएम रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात, पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में आमंत्रण

रायपुर, 20 मार्च 2025: भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें 22 एवं 23 मार्च 2025 को आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव पाराशर भी उपस्थित थे।

आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। इस मंच पर प्रख्यात नीति निर्माता, शिक्षाविद और विचारक एकत्र होंगे, ताकि विभिन्न विषयों पर सहयोगात्मक सोच विकसित की जा सके और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजे जा सकें।

निदेशक रामकुमार काकानी ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने और नीति निर्माण में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहयोग मिलेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आईआईएम रायपुर के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल नीति निर्माण प्रक्रिया को सशक्त बनाएंगे बल्कि जनप्रतिनिधियों को निर्णय लेने में भी सहायता करेंगे। उन्होंने इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपनी सहमति जताई और कहा कि इस मंच पर विचारों का आदान-प्रदान प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक सुधारों और नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आईआईएम रायपुर जैसी प्रतिष्ठित संस्था का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

इस दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषय शामिल होंगे:

नेतृत्व और नीति निर्माण: यह सत्र विधायकों को प्रभावी नेतृत्व शैली और नीति निर्माण की बारीकियों से अवगत कराएगा।

सार्वजनिक प्रशासन में नवाचार: इस सत्र में डिजिटल गवर्नेंस, टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन और पारदर्शिता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी।

जनसेवा और प्रभावी संवाद: इसमें नेताओं को जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के व्यावहारिक उपाय बताए जाएंगे।

सतत विकास और पर्यावरणीय नीतियां: इस सत्र में राज्य के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

वित्तीय प्रबंधन और बजटीय योजना: इसमें विधायकों को बजट निर्माण, वित्तीय नीति और संसाधनों के उचित उपयोग की तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल

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रामकुमार काकानी ने बताया कि यह कार्यक्रम विधायकों को नीति निर्माण की गहरी समझ प्रदान करेगा और उन्हें राज्य के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति और उनके अनुभवजन्य विचार न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होंगे।

यह कार्यक्रम एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा, जहां विधायकों को न केवल प्रबंधन और प्रशासन के आधुनिक सिद्धांतों की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा कर सकेंगे। इससे उनके नेतृत्व कौशल को मजबूती मिलेगी और वे अधिक प्रभावी नीति निर्माता बन सकेंगे।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधायकों को उनके प्रशासनिक दायित्वों के प्रति और अधिक जागरूक बनाना है। रामकुमार काकानी ने कहा कि आईआईएम रायपुर का यह प्रयास राज्य के विधायकों को वैश्विक दृष्टिकोण से अवगत कराने और उन्हें आधुनिक प्रशासनिक तकनीकों से लैस करने का एक प्रयास है।

आईआईएम रायपुर द्वारा तैयार किए गए इस कार्यक्रम में अनुभवजन्य अध्ययन, केस स्टडी, समूह चर्चा और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से विधायकों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

आईआईएम रायपुर पूर्व में भी इसी तरह के नेतृत्व विकास कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों और सरकारी कर्मचारियों को लाभ हुआ है। इस बार का आयोजन विधायकों के लिए विशेष रूप से किया जा रहा है, जिससे उनकी निर्णय क्षमता और नीतिगत समझ को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

आईआईएम रायपुर का मानना है कि विधायकों को अगर सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो वे अपने क्षेत्र की जनता के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकते हैं और बेहतर नीतियां बना सकते हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार और आईआईएम रायपुर के बीच पहले भी विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग रहा है, जिसमें प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, तकनीकी नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकास शामिल हैं। यह नया कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सरकार राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कौशल विकास के लिए आईआईएम रायपुर जैसे संस्थानों के साथ निरंतर सहयोग करती रहेगी।

आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम राज्य के विधायकों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे समकालीन नीति निर्माण, प्रशासनिक कुशलता और नेतृत्व विकास की नवीनतम विधियों से परिचित हो सकें। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भागीदारी से इसकी महत्ता और अधिक बढ़ जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार और आईआईएम रायपुर का यह संयुक्त प्रयास राज्य में सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे विधायकों को न केवल अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे नीति निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका भी निभा सकेंगे।

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