बिम्सटेक बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन

काठमांडू में बिम्सटेक बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन, श्रद्धालुओं से की मुलाकात

काठमांडू (नेपाल)। भारत के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों नेपाल की राजधानी काठमांडू के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने बिम्सटेक (BIMSTEC) कृषि मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद वे अपने परिवार के साथ पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं से मुलाकात भी की। इस आध्यात्मिक यात्रा ने भारत-नेपाल के सांस्कृतिक रिश्तों को एक बार फिर सशक्त संदेश दिया है।

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बिम्सटेक बैठक में भारत ने रखा कृषि विकास का विज़न

बिम्सटेक बैठक में भारत की ओर से कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाग लिया। उन्होंने भारत की कृषि नीतियों, जैविक खेती, सतत कृषि विकास, तकनीकी नवाचारों और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे भारत ने हाल के वर्षों में कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण, प्राकृतिक खेती और नवाचार को बढ़ावा देकर विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है।

बैठक में शामिल अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भारत के अनुभवों की सराहना की और साझा सहयोग की प्रतिबद्धता जताई। चौहान ने अपने संबोधन में कहा,
“बिम्सटेक सदस्य देशों को आपस में ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान करते हुए खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।”


पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन और श्रद्धालुओं से संवाद

आधिकारिक कार्यक्रम के बाद शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ विश्वविख्यात पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे। इस प्राचीन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिव मंदिर में उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और भगवान पशुपतिनाथ से देशवासियों की खुशहाली और सुख-शांति की कामना की।

मंदिर परिसर में जब श्रद्धालुओं को पता चला कि भारत के केंद्रीय मंत्री वहां मौजूद हैं, तो कई लोग उनके पास पहुंचे। चौहान ने न केवल श्रद्धालुओं से आत्मीयता से बातचीत की, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों से भी हालचाल जाना।

उन्होंने कहा,
“पशुपतिनाथ मंदिर आना आत्मिक शांति देने वाला अनुभव है। यहां की दिव्यता और श्रद्धा भारत-नेपाल के गहरे सांस्कृतिक संबंधों की प्रतीक है।”

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भारत-नेपाल कृषि सहयोग पर हुई द्विपक्षीय बातचीत

काठमांडू प्रवास के दौरान चौहान ने नेपाल के कृषि मंत्री से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय बातचीत की। इस बैठक में भारत-नेपाल के बीच कृषि व्यापार, तकनीकी सहायता, जैविक खेती को बढ़ावा देने, प्रशिक्षण और अनुसंधान साझेदारी पर चर्चा हुई। भारत ने प्रस्ताव दिया कि दोनों देशों के युवा किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और फील्ड विज़िट आयोजित किए जाएं ताकि अनुभवों का आदान-प्रदान हो सके।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा,
“भारत और नेपाल के बीच सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध भी बेहद मजबूत हैं। कृषि क्षेत्र में यह साझेदारी दोनों देशों के किसानों को लाभ पहुंचाएगी।”


राजनीति से इतर एक पारिवारिक और आध्यात्मिक पक्ष

शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा न केवल राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसमें उनके पारिवारिक और आध्यात्मिक पक्ष की झलक भी देखने को मिली। वे अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे, पूजा की, और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया। इससे यह संदेश गया कि जीवन की व्यस्तताओं के बीच धार्मिक और पारिवारिक मूल्यों को महत्व देना आज के नेताओं के लिए भी आवश्यक है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें और प्रतिक्रियाएं

पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा करते हुए शिवराज सिंह चौहान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। कई लोगों ने उनकी सादगी और आध्यात्मिक जुड़ाव की प्रशंसा की। ट्विटर पर #ShivrajSinghChouhan और #PashupatinathMandir ट्रेंड करने लगे।

लोगों ने लिखा कि “एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान यही है कि वह अपने दायित्वों के साथ-साथ अपने संस्कार और आस्था को भी जीता है।”


भारत-नेपाल के संबंधों में नई ऊर्जा

इस दौरे के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच कृषि, सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव को नई ऊर्जा मिली है। पशुपतिनाथ मंदिर में मंत्री की उपस्थिति एक सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण भी मानी जा रही है, जिससे दोनों देशों की जनता के बीच आपसी भावनात्मक संबंध और मजबूत होंगे।