रेलवे नेटवर्क का होगा विस्तार: नागदा-मथुरा तीसरी-चौथी लाइन को केंद्र की मंजूरी, उज्जैन और कूनो तक सफर होगा आसान
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति देने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस परियोजना से बाबा महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन और कूनो राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क और अधिक सुगम होगा। इससे न केवल पर्यटकों को सुविधा होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- कुल बजट: लगभग 23,437 करोड़ रुपए (तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं)।
- लाभान्वित राज्य: मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना।
- अतिरिक्त माल ढुलाई: हर साल 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी।
- कनेक्टिविटी: 19 जिलों के लगभग 83 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
पीएम गति शक्ति के तहत बुनियादी ढांचा होगा मजबूत
केंद्रीय मंत्री-मंडल की आर्थिक कार्य समिति ने 5 मई 2026 को ‘पीएम गति शक्ति’ के तहत रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए इन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे व्यस्त रूट्स पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और भीड़ कम होगी।
स्वीकृत परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान के रणथंबोर, केवलादेव, मथुरा-वृंदावन, मंत्रालयम और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
माल ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण कदम
यह प्रस्तावित रेल लाइन कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, तेल, लोहा, इस्पात और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे औद्योगिक विकास को बल मिलेगा और परिवहन की लागत में कमी आएगी।






