शक्ति पीठों और जल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री साय ने की पर्यटन कॉरिडोर की घोषणा
रायपुर, 11 अप्रैल 2025|छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा रोडमैप पेश करते हुए कहा कि प्रदेश में वन आधारित और जल आधारित पर्यटन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग आपसी समन्वय के साथ एकीकृत योजना बनाकर प्रदेश को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करें।
मुख्यमंत्री मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न प्रकार के पर्यटन—ईको, एथनिक, एडवेंचर, वेलनेस और वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रमुख शक्ति पीठों और ऐतिहासिक स्थलों में सुविधाएं विकसित करने, टूरिज्म कॉरिडोर बनाने और केंद्र सरकार से सहायता के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।
मुख्य बिंदु:
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बस्तर, सरगुजा, जशपुर, चंपारण, भोरमदेव में बनेगा पर्यटन कॉरिडोर
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गंगरेल, कोडार, हसदेव बांगो समेत बांधों में वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा
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चित्रोत्पला फिल्म सिटी को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप
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पर्यटन को उद्योग का दर्जा, निवेशकों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को “उद्योग” का दर्जा दिया गया है, जिससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को “होम स्टे” और कुटीर उद्योग से जोड़ने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री साय के प्रमुख निर्देश:
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प्रमुख स्थलों को जोड़कर टूरिज्म कॉरिडोर विकसित करें
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बस्तर, ढोलकल, टाटामारी, चित्रकोट, तीरथगढ़ जैसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान
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गुजराती पर्यटकों के लिए चंपारण में विवाह स्थल सुविधा और प्रचार-प्रसार
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फिल्म सिटी के विकास के लिए फिल्म उद्योग से परामर्श
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स्वदेश दर्शन योजना के तहत 145 करोड़ की परियोजना स्वीकृत
मुख्यमंत्री साय ने कहा:
“छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक और सांस्कृतिक विविधता राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बना सकती है। हमें इन संभावनाओं को योजनाबद्ध ढंग से विकसित करना है ताकि आम नागरिक को रोजगार मिले और राज्य को नया पहचान मिले।”









