छत्तीसगढ़ में नामांतरण प्रक्रिया बदली: भू-माफियाओं को संरक्षण देने का कांग्रेस का आरोप

भू-माफियाओं को संरक्षण देने साय सरकार ने बदली नामांतरण प्रक्रिया: कांग्रेस

ग्रामसभा और तहसीलदार के अधिकारों को बाईपास कर ऑटोमैटिक नामांतरण से आम जनता चिंतित

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रायपुर, 26 अप्रैल 2025।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भू-माफियाओं को संरक्षण देने के लिए नामांतरण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। वर्मा ने कहा कि उप पंजीयकों को नामांतरण का अधिकार देकर और ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू कर सरकार ने आम जनता की जमीन पर खतरे को बढ़ा दिया है।

वर्मा ने चेतावनी दी कि नए नियमों के तहत अब बिना ग्रामसभा की अनुमति, बिना तहसील जांच, बिना सार्वजनिक नोटिस और बिना दावा-आपत्ति के सीधे नामांतरण हो जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के मामले बढ़ेंगे और असली जमीन मालिकों को बिना सूचना के ही अपनी जमीन से हाथ धोना पड़ेगा।

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उन्होंने सवाल उठाया कि बिना न्यायिक अधिकारों के उप पंजीयक कैसे ऋण पुस्तिका प्रमाणित करेंगे और विवादों की सुनवाई कौन करेगा? उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता का हित नहीं बल्कि भू-माफियाओं के अवैध कार्यों को बढ़ावा देना है।

फर्जीवाड़े का खतरा बढ़ा
वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पहले तहसील और ग्रामसभा स्तर पर नामांतरण जांच के दौरान कई फर्जीवाड़े सामने आते थे, लेकिन अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद स्वतः नामांतरण हो जाने से धोखाधड़ी पकड़ना मुश्किल हो जाएगा। सरकारी भूमि, पट्टे की जमीन, आदिवासी भूमि, कोटवारी भूमि जैसी संपत्तियां भी इस नई प्रक्रिया के जरिए अवैध रूप से बेची जा सकेंगी।

भू-माफियाओं के हित में बदलाव
वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूरे नामांतरण सिस्टम को उप पंजीयकों के हाथों में सौंपकर भू-माफियाओं के लिए जमीन कब्जा करना आसान कर दिया है। न तो तहसीलदार जांच करेगा, न ग्रामसभा का प्रस्ताव चाहिए, न असली मालिक को सूचना मिलेगी। यह निर्णय जनविरोधी है और किसानों, आदिवासियों, गरीबों के हक पर बड़ा हमला है।