राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु: अम्बिकापुर में हृदय रोग ग्रसित बच्चों के ऑपरेशन हेतु काउंसलिंग संपन्न

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु के तहत अम्बिकापुर में हृदय रोग ग्रसित बच्चों के ऑपरेशन एवं उपचार हेतु काउंसलिंग का आयोजन

अम्बिकापुर, 28 अप्रैल 2025/ कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु के तहत सरगुजा जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जन्मजात रोग से पीड़ित बच्चों का चिन्हांकन किया गया।
सोमवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और एसईसीएल के “धड़कन” प्रोजेक्ट के संयुक्त तत्वावधान में, श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल (नवा रायपुर) एवं जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के मेडिकल कॉलेज के समन्वय से हृदय रोग ग्रसित बच्चों के ऑपरेशन एवं उपचार हेतु काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया।

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इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एम.एस. रविन्द्र, डॉ. निखिल, डॉ. स्मिता परमार, डॉ. श्रीकांत सिंह चौहान, डॉ. वंदना गुप्ता,  विकास सिंह समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राही उपस्थित रहे।

चिरायु कार्यक्रम की प्रमुख बातें:

  • शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों की छह चरणों में स्क्रीनिंग की जाती है।

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  • 45 प्रकार की बीमारियों के इलाज की सुविधा राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित।

  • उपचार हेतु छत्तीसगढ़ एवं देश के चिन्हांकित शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी अस्पतालों से समन्वय।

अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक की उपलब्धियाँ:

  • 585 गांवों के 2,383 आंगनबाड़ी केंद्र और 2,074 स्कूलों में 2,17,809 बच्चों की स्क्रीनिंग।

  • स्कूलों में 1,29,279 और आंगनबाड़ी केंद्रों में 88,530 बच्चों की जांच।

  • हृदय रोग से 51 बच्चों का चिन्हांकन हुआ, जिनमें से 30 की आगे जांच की गई।

  • इनमें से 16 बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिनका उच्चस्तरीय ऑपरेशन श्री सत्य साईं हॉस्पिटल में किया जाएगा।

  • 21 कुपोषित बच्चों की ईको जांच में 03 बच्चों में हृदय रोग की पहचान हुई।

  • बाकी कुपोषित बच्चों को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में उपचार हेतु भेजा गया।

चिन्हांकित बच्चों का नि:शुल्क सफलतापूर्वक ऑपरेशन श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल, नवा रायपुर में चिरायु दल के माध्यम से कराया जाएगा।