छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण शुरू, संग्राहकों को मिलेगा 920 करोड़ का पारिश्रमिक

राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य शुरू

16.72 लाख मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य, 920 करोड़ रुपए का होगा पारिश्रमिक भुगतान

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रायपुर, 29 अप्रैल 2025।छत्तीसगढ़ में इस वर्ष तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य तेजी से प्रारंभ हो चुका है। बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर जिला यूनियन में अब तक 22 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। राज्य शासन द्वारा संग्राहकों के पारिश्रमिक का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा ‘एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम’ सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए पारिश्रमिक दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री की पहल पर वर्ष 2024 से पारिश्रमिक दर 4000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति बोरा कर दी गई थी, जिसका सीधा लाभ संग्राहकों को मिल रहा है।

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राज्य में वर्ष 2025 के लिए 16 लाख 72 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य पूरा होने पर लगभग 14 लाख संग्राहक परिवारों को 920 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक मिलेगा।

इस वर्ष तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 954 लाटों में संचालित हो रहा है। इनमें से बस्तर संभाग में 5 लाख 64 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि राज्य की 21 जिला यूनियनों की 868 समितियों के 661 लॉटों से अधिसूचित 10.08 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का अग्रिम विक्रय 767 करोड़ रुपए में किया जा चुका है, जिससे संग्राहकों को आर्थिक लाभ शीघ्र मिलना सुनिश्चित हुआ है।