CG – हरेली की खुशियां बदली मातम में जहरीले सांप नें दो बच्चियों क़ो काटा एक की मौत दूसरी लड़ रही जिंदगी की जंग

मस्तूरी – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी मुख्यालय के समीप बसे भदौरा गांव में बीते बुधवार की रात सूर्यवंशी समाज के लिए आपदा बन कर टूटी और उनके दो बच्चे रितु सूर्यवंशी जो 9 महीने की है वही महक जो 8 साल की है जिनके पिता का नाम लक्ष्मी नारायण है दोनों को जहरीले करात सांप ने काट लिया यह घटना रात के तकरीबन 1:00 बजे की बताई जा रही है परिवार वालों को जैसे ही इस घटना की जानकारी हुई उन्होंने दोनों बच्चों को आनंद-पणन में मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहाँ डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बिलासपुर रेफर कर दिया इस दौरान छोटी बच्ची ऋतू सूर्यवंशी की मौत हो गई वही दूसरी बच्ची महक जो 8 साल की है वो जिंदगी और मौत से सिम्स में लड़ रही है।

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परिवार वालों का आरोप है की मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों को सही समय पर सांप के जहर से बचाने वाली दवा”एंटीवेनम”सीरम अगर मिल गई होती तो आज शायद बच्चों की स्थिति कुछ और होती आपको बताते चलें की इस दवा क़ो विषैले सांप के काटने के बाद सर्प द्वारा काटे गए ब्यक्ति के शरीर में इंजेक्ट किया जाता है ताकि जहर के प्रभाव को कम किया जा सके या उसे बेअसर किया जा सके।

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मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र के अंदर अनगिनत गांव आते हैं मस्तूरी ग्रामीण क्षेत्र में बारिश के समय में सर्पडंस की समस्या लगातार देखने मिलता है बावजूद इसके यहां सांप काटने से बचाने वाली दवा एंटीवेनम का ना होना एक गंभीर लापरवाही या विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाती है मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र में दूर-दूर से लोग उपचार करने आते हैं और ऐसे मामलों में मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र हीं लोगों के लिए एक उपचार का जगह है ठिकाना है पर यहां भी उपचार नहीं मिलने पर लोगों को ऐसे मामलों में अपनी जान गवानी पड़ रही है बहर हाल इस पूरे घटना के बाद भदौरा गांव में हरियाली त्यौहार की खुशियां माता में बदल गई है और चारों तरफ बच्चों की गुजर जाने की तकलीफ दर्द सभी गांव वालों को महसूस हो रहा है माँ की रो रो कर बुरा हाल है सभी गांव वाले परिवार वालों को इस विपत्ति के समय में सहारा दें रहें हैं।