राष्ट्रीय पर्व पर देहदान करने वाले परिवारों का सम्मान करने वाला पहला जिला बना सरगुजा

राष्ट्रीय पर्व पर देहदान करने वाले परिवारों का सम्मान करने वाला पहला जिला बना सरगुजा

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स्वतंत्रता दिवस पर सरगुजा ने रचा इतिहास! प्रदेश का पहला जिला बना जिसने देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया। जानिए पूरी खबर।

अंबिकापुर, 16 अगस्त 2025।भारत की आज़ादी के 78वें वर्षगांठ पर सरगुजा जिले ने एक ऐतिहासिक और प्रेरक पहल करते हुए पूरे प्रदेश के लिए मिसाल पेश की है। इस राष्ट्रीय पर्व पर देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने वाला सरगुजा, प्रदेश का पहला जिला बन गया है।

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की पहल

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा सरगुजा के चेयरमैन आदित्येश्वर शरण सिंह देव द्वारा जिला कलेक्टर को इस अनोखी पहल का सुझाव दिया गया। जिला प्रशासन ने इसे स्वीकारते हुए उन परिवारों को विशेष सम्मान प्रदान किया जिन्होंने समाज सेवा की राह में अमूल्य योगदान दिया।

किन परिवारों को मिला सम्मान?

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इस अवसर पर स्वर्गीय विजय कुमार पटेल, स्वर्गीय डॉ. भागीरथी गौराहा एवं स्वर्गीय श्रीमती अंजनी भगत के परिवारों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान देहदान और अंगदान की जागरूकता बढ़ाने और समाज को नई दिशा देने के प्रति कृतज्ञता स्वरूप अर्पित किया गया।

कलेक्टर और चेयरमैन ने क्या कहा?

> “देहदान जैसी महान पहल समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाती है। ऐसे परिवारों को सम्मानित करना हमारा कर्तव्य है।” – आदित्येश्वर शरण सिंह देव
“हम ऐसे परिवारों के आभारी हैं जिन्होंने अमर मानवीय आदर्श प्रस्तुत किए।” – जिला कलेक्टर

 

सरगुजा का मानवीय संदेश

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी सरगुजा शाखा लगातार रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान और देहदान जैसे जीवनदायिनी अभियानों के माध्यम से समाज में यह संदेश दे रही है कि “एक जीवन से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं।”

सभी नागरिकों से अपील

आइए, हम सब मिलकर इस महान परंपरा को आगे बढ़ाएँ। रक्तदान, अंगदान और देहदान जैसे संकल्प केवल जीवन बचाते ही नहीं, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं को भी सशक्त बनाते हैं। आपका छोटा-सा योगदान किसी अन्य के लिए नई जिंदगी की सबसे बड़ी सौगात बन सकता है।