बागरा में व्हाट्सएप पर भड़काऊ वीडियो शेयर करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

ग्राम पंचायत बागरा में भड़काऊ वीडियो शेयर करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

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बलरामपुर, 16 अगस्त 2025। ग्राम पंचायत बागरा में सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर धार्मिक उकसावे वाले वीडियो साझा करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना सोशल मीडिया पर बढ़ती अफवाहों और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली पोस्ट्स के खिलाफ पुलिस प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के मुताबिक, ग्राम पंचायत बागरा निवासी संतोष रवि, जो मूलतः झारखंड का रहने वाला है और अपने ससुराल में रहता है, लंबे समय से ग्राम पंचायत बागरा नामक व्हाट्सएप ग्रुप में सक्रिय था। इस ग्रुप पर उसने लगातार ऐसे वीडियो और संदेश शेयर किए, जिनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपमानजनक वीडियो शामिल थे।

ग्रामवासियों ने कई बार उसे ऐसा करने से रोका, लेकिन उसने चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए वीडियो पोस्ट करना जारी रखा। इससे गांव में तनाव की स्थिति बनने लगी।

ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों ने की शिकायत

आरोपी की इस हरकत से नाराज होकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ व कनिष्ठ कार्यकर्ताओं और ग्रामवासियों ने मिलकर विजयनगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर चौकी प्रभारी अश्विनी सिंह ने तुरंत एक्शन लिया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर यह वीडियो साझा किए, जिनका उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाना था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।

चौकी प्रभारी और सरपंच का सख्त संदेश

ग्राम पंचायत बागरा के सरपंच दयाशंकर मरकाम ने कहा कि पंचायत की अगली सभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसमें यह तय होगा कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर धार्मिक उकसावे या भड़काऊ वीडियो साझा करेगा तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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चौकी प्रभारी अश्विनी सिंह ने भी स्पष्ट चेतावनी दी कि “धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वाली किसी भी पोस्ट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।”

दूसरी बार दोहराई गई घटना

गौरतलब है कि यह घटना ग्राम पंचायत बागरा में इस तरह का दूसरा मामला है। इससे पहले भी गांव में धार्मिक उकसावे से जुड़ा एक मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने कठोर कार्रवाई की थी। लगातार ऐसे मामले सामने आने से पुलिस और प्रशासन ने सोशल मीडिया निगरानी बढ़ा दी है।

क्यों बढ़ रहा है सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और भड़काऊ सामग्री का खतरा?

सोशल मीडिया आज सूचना का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। लेकिन इसके दुरुपयोग के कारण कई बार समाज में तनाव और नफरत का माहौल पैदा हो जाता है। फेक न्यूज और भड़काऊ पोस्ट से न सिर्फ कानून-व्यवस्था बिगड़ती है बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी गहरा असर पड़ता है।

पुलिस और प्रशासन लगातार सोशल मीडिया पर निगरानी कर रहा है और आम जनता से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री की तुरंत शिकायत करें।

जनप्रतिनिधियों का संदेश

ग्राम पंचायत बागरा के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि “हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करने का अधिकार है, लेकिन किसी अन्य धर्म को नीचा दिखाने या आहत करने का अधिकार किसी को नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह का वीडियो या संदेश शेयर करता है जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए या समाज में नफरत फैलाए, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के कोई भी संदेश या वीडियो फॉरवर्ड न करें। धार्मिक सौहार्द और शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।