सरगुजा में प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट शुरू, 2500 महिलाओं को आर्थिक लाभ और रोजगार के नए अवसर

प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में सरगुजा की बड़ी पहल, प्रदेश का दूसरा और संभाग का पहला जिला स्तरीय प्रोसेसिंग केन्द्र शुरू

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569 ग्राम पंचायतों की 2500 स्वच्छाग्राही दीदीयों को होगा आर्थिक लाभ, 30-35 महिलाओं को रोजगार मिलेगा

अम्बिकापुर, 17 अगस्त 2025।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सरगुजा जिला ठोस एवं प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन में नई मिसाल कायम कर रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत दरिमा में प्रदेश का दूसरा और सरगुजा संभाग का पहला जिला स्तरीय प्लास्टिक प्रोसेसिंग केन्द्र (एम.आर.एफ. यूनिट) शुरू किया गया।

इसका उद्घाटन लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, सदस्य अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सतीश यादव, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि –
👉 सरगुजा अब स्वच्छता प्रबंधन में पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन रहा है।
👉 यह केंद्र पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

महिलाओं को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

  • जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह ने कहा कि प्लास्टिक कचरा गांवों में बड़ी समस्या है। इसके प्रबंधन से पर्यावरण सुरक्षित होगा और महिलाओं को आमदनी भी मिलेगी।

  • जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि एम.आर.एफ. यूनिट से जिले की 569 ग्राम पंचायतों की 2500 स्वच्छाग्राही दीदीयों को कचरे के विक्रय से आमदनी होगी।

  • प्लांट में कार्यरत 30-35 महिलाओं को 7500 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर रोजगार मिलेगा।

क्या बनेगा प्लास्टिक से?

  • प्लास्टिक को पुनर्चक्रित कर दाने, गट्टे, रस्सी तैयार की जा रही है।

  • आगे चलकर प्लास्टिक बाल्टी और डस्टबिन बनाने की योजना भी है।

मॉनिटरिंग की व्यवस्था

जिले के सभी 569 सेग्रीगेशन शेड और 7 प्लास्टिक प्रबंधन केंद्र इस जिला स्तरीय यूनिट से जुड़े हैं। प्रभावी संचालन हेतु क्लस्टर आधारित जिम्मेदारियां तय की गई हैं और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित फॉलोअप किया जा रहा है।