CG – तेजी से बढ़ा इस बीमारी का खतरा, ये हो रहे सबसे ज्यादा शिकार, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

बिलासपुर। जिले में इन दिनों टोमेटो फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। नौ माह से लेकर सात साल तक के बच्चे बड़ी संख्या में इस नई बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को बुखार, पेट दर्द, हाथ-पैर और पीठ में लाल चकत्ते, मुंह के अंदर छाले जैसी समस्याएं हो रही हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिजन अपने बच्चों का इलाज कराने सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

सिम्स अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ फ्लू के केस अस्पताल में बड़े हैं। लेकिन वह टोमेटो फ्लू के केस है इसकी पुष्टि नहीं हुई है। टोमेटो फ्लू एक स्व-सीमित बीमारी है, जिसका अर्थ है कि यह अपने आप कुछ दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि, लक्षणों को कम करने के लिए सामान्य दवाइयां और आराम जरूरी बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन बच्चों को ज्यादा परेशानी हो, उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। स्कूलों में सबसे ज्यादा बच्चे इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ने के कारण अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों द्वारा सलाह दी जा रही है कि लक्षण दिखने पर बच्चों को घर पर ही आराम करने दें। चिकित्सकों का कहना है कि कम से कम 7 से 10 दिन तक बच्चों को स्कूल से दूर रखें और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही भेजें।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

टोमेटो फ्लू का नाम बच्चों की त्वचा पर उभरने वाले लाल, टमाटर जैसे चकत्तों की वजह से पड़ा है। यह वायरल संक्रमण अधिकतर कम उम्र के बच्चों में तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों ने माता-पिता को सलाह दी है कि बच्चों को संक्रमित होने से बचाने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और उनके खान-पान पर निगरानी बनाए रखें। डॉक्टरों का कहना है कि डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह बीमारी जानलेवा नहीं होती। लेकिन संक्रमण की आशंका के कारण सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। बच्चों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर न ले जाएं और लक्षण दिखने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा दिलवाएं। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का वायरल का शिकार होने पर घर पर ही आराम करने की सलाह चिकित्सकों द्वारा दी जा रही है।