बस्तर में 100 साल की सबसे बड़ी त्रासदी: दीपक बैज बोले – सरकार का दौरा सिर्फ खानापूर्ति, राहत पैकेज की मांग

बस्तर में 100 साल की सबसे बड़ी त्रासदी: दीपक बैज बोले – सरकार का दौरा सिर्फ खानापूर्ति, राहत पैकेज की मांग

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बस्तर में तबाही: कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर उठाए सवाल, मांगा ₹10 लाख मुआवजा

छत्तीसगढ़ के बस्तर में भीषण बारिश और बाढ़ से तबाही। कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए। जानें पूरी खबर।

रायपुर, 02 सितंबर 2025।छत्तीसगढ़ का बस्तर इस समय भीषण तबाही से जूझ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि बस्तर में पिछले एक हफ्ते में हुई बारिश ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सड़कों से लेकर पुल-पुलिया, खेती-बाड़ी, रोज़गार के साधन सब बर्बाद हो गए हैं। लोग खाने-पीने की चीज़ों और दवाइयों के लिए तरस रहे हैं।

 

दीपक बैज ने बताया:

“लगातार तीन दिनों तक हमने बस्तर, दंतेवाड़ा और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। लोगों के घर टूट गए, घर का सामान – गहने, नकद, कपड़े, बर्तन, टीवी, फ्रीज सब कुछ बह गया। बच्चों की कॉपियां, किताबें, स्कूल ड्रेस तक बह गई। जीवन पूरी तरह ठप हो गया है।”

तबाही की तस्वीर:

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पुल-पुलिया बह गए, सड़क संपर्क टूटा।

किसानों की फसल और जमीन के कागजात नष्ट।

मवेशी, मुर्गे, बकरियां, गाय-बैल बह गए।

किराना दुकानें खाली, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार तक बह गई

कांग्रेस की मांगें:

1. प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹50,000 की तत्काल राहत राशि।

2. स्थायी मुआवजा – पक्का मकान ₹10 लाख, कच्चा मकान ₹5 लाख।

3. बस्तर के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा।

4. सभी मार्गों और पुल-पुलिया की तुरंत मरम्मत।

5. बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।

6. स्कूली बच्चों को कॉपी-किताब, बैग और ड्रेस उपलब्ध करवाई जाए।

सरकार पर आरोप:

दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री का बस्तर दौरा केवल औपचारिकता रहा।

“मुख्यमंत्री ने सिर्फ दो-तीन प्रभावितों को राहत चेक दिया। कुछ को फटी हुई साड़ियां बांटी गईं। जब लोगों ने शिकायत की, तो उन्हें थाने में घंटों बैठाया गया। इतनी बड़ी तबाही में सरकार का यह रवैया बस्तरवासियों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है।”

कांग्रेस की पहल:

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जनता से अपील की कि वे अपनी क्षमता अनुसार मदद के लिए आगे आएं।

“प्रदेश कांग्रेस भी राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रही है। यह समय राजनीति का नहीं, इंसानियत का है।”