Ladli Behna Yojana: झाबुआ से CM मोहन यादव करेंगे 1250 रुपये की किस्त ट्रांसफर, जानें कब आएगी राशि

लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त: झाबुआ से सीएम मोहन यादव करेंगे ट्रांसफर, तैयारियों का जायजा लेती नजर आईं कलेक्टर

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

झाबुआ। मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए यह बड़ा मौका होगा, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव झाबुआ जिले के पेटलावद से राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर 1250 रुपये की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर करेंगे।

इस मौके को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने स्वयं कार्यक्रम स्थल और हैलीपेड का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम

लाड़ली बहना योजना की शुरुआत महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत प्रदेश की पात्र महिलाओं को हर माह 1250 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा होती है, जिससे महिलाएँ अपने छोटे-छोटे खर्चों को पूरा कर सकें और परिवार में निर्णय लेने की क्षमता हासिल कर सकें।

अब तक इस योजना की 27 किस्तें लाखों महिलाओं को दी जा चुकी हैं। 28वीं किस्त के ट्रांसफर की जिम्मेदारी इस बार झाबुआ को मिली है, जिससे आदिवासी अंचल में भी विकास और महिला सशक्तिकरण का संदेश पहुंचेगा।

झाबुआ बना आयोजन का केंद्र

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए पेटलावद (झाबुआ) को चुना गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं यहां पहुंचकर लाड़ली बहनों से संवाद करेंगे और राशि ट्रांसफर करेंगे।

कार्यक्रम स्थल पर मंच सज्जा, सुरक्षा इंतजाम, महिलाओं के बैठने की व्यवस्था और तकनीकी तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं।

कलेक्टर नेहा मीना ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेते हुए कहा कि यह आयोजन महिलाओं के जीवन में नए उत्साह का संचार करेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि किसी भी बहन को किसी तरह की असुविधा न हो।

कब आएगी राशि?

प्रदेशभर में लाड़ली बहनों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि 28वीं किस्त उनके खातों में कब आएगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राशि का ट्रांसफर 12 या 13 सितंबर को किया जाएगा। सीएम मोहन यादव राज्य स्तरीय कार्यक्रम से बटन दबाकर किस्त को सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजेंगे।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

लाड़ली बहनों में उत्साह

गांव-गांव और शहर-शहर की महिलाएँ इस किस्त का इंतजार कर रही हैं। त्योहारी सीजन से पहले यह राशि महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। योजना से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि इस पैसे से वे घर के छोटे-मोटे खर्च पूरे कर लेती हैं और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी मदद मिलती है।

झाबुआ की ग्रामीण महिला कमला बाई कहती हैं – “हमारे पास पहले अपने खर्चों के लिए अलग पैसा नहीं होता था। अब सरकार हर महीने 1250 रुपये देती है, जिससे हमें आत्मविश्वास मिलता है।”

सीएम का संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव कई बार यह कह चुके हैं कि लाड़ली बहना योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने का संकल्प है। उनका कहना है कि प्रदेश की बहनों को मजबूत बनाना ही मध्यप्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएगा।

त्योहार से पहले बड़ा तोहफा

गणेश उत्सव और नवरात्र जैसे त्योहारों से पहले यह राशि महिलाओं के लिए खास मायने रखती है। 1250 रुपये की किस्त मिलने से महिलाएँ अपने घर के लिए छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर पाएंगी और उत्सव में भी सक्रिय भूमिका निभा पाएंगी।

सोशल मीडिया पर उत्साह

झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर भी तैयारियों की जानकारी साझा की है। उनके पोस्ट के बाद महिलाओं और स्थानीय नागरिकों में उत्साह और बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार कार्यक्रम से जुड़ी अपडेट्स शेयर कर रहे हैं।

योजना का असर

योजना के जरिए ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाओं में भी आर्थिक स्वावलंबन बढ़ रहा है। महिलाएँ इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, घरेलू सामान खरीदने और छोटे व्यापार में निवेश करने तक कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका भी और मजबूत हो रही है।

झाबुआ से होने वाला यह राज्य स्तरीय आयोजन लाड़ली बहना योजना के महत्व को और बढ़ा देगा। प्रदेश की करोड़ों महिलाएँ इस किस्त का इंतजार कर रही हैं। यह न केवल आर्थिक सहयोग है बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

त्योहारी मौसम से पहले मिलने वाली यह राशि महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लाएगी और परिवारों में खुशहाली का संदेश देगी।