चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान चलाया

चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर इंटेसिंफाईड IEC कैंपेन का आयोजन किया

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

एचआईवी/एड्स के प्रति छात्रों को किया जागरूक, 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक चल रहा है राष्ट्रीय अभियान

बलौदाबाजार। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक पूरे भारत में इंटेसिंफाईड IEC कैंपेन चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी, अंबिकापुर द्वारा संचालित लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना, भाटापारा के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रोहरा (जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन जिला अस्पताल बलौदाबाजार के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी और खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. माहेश्वरी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक मंगल पाण्डेय के मार्गदर्शन और परियोजना प्रबंधक दशोदी सिंह के नेतृत्व में हुआ।

छात्रों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

परामर्शदाता सुलोचना देवांगन ने अपने उद्बोधन में बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एचआईवी/एड्स के संक्रमण और उससे बचाव के उपायों की जानकारी देना है।

आउटरीच वर्कर अनिता लहरे ने संस्था की गतिविधियों से अवगत कराते हुए कहा कि एचआईवी संक्रमण फैलने के 4 मुख्य कारण होते हैं। उन्होंने छात्रों को इन कारणों और बचाव उपायों की विस्तार से जानकारी दी।

अधिक जानकारी और परामर्श के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1097 पर संपर्क करने की सलाह दी गई।

संस्था का निरंतर प्रयास

चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी, वर्ष 2014 से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एचआईवी/एड्स संक्रमण को रोकने, नियंत्रित करने, व्यवहार परिवर्तन, लिंकज और रेफरल सेवाओं के लिए कार्यरत है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य लखन लाल साहू, शिक्षक शैल शैनिक, उर्वशी डहरिया, चंद्रप्रभा साहू, तथा संस्था की अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी सह लेखापाल दशोदा साहू का विशेष योगदान रहा।