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भोपाल मेट्रो अक्टूबर से शुरू: पीएम मोदी देंगे हरी झंडी, पहले 7 दिन मुफ्त सफर

भोपाल मेट्रो अक्टूबर से शुरू: पीएम मोदी देंगे हरी झंडी, पहले 7 दिन मुफ्त सफर

भोपाल मेट्रो का ट्रायल रन जारी, अक्टूबर से कमर्शियल रन शुरू होगा। प्रधानमंत्री मोदी हरी झंडी दिखा सकते हैं। पहले 7 दिन फ्री सफर, फिर 3 महीने तक किराए पर छूट, अधिकतम किराया 80 रुपए तय। CMRS टीम 24-26 सितंबर को निरीक्षण करेगी।

भोपाल/19 सितंबर 2025। भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अक्टूबर से भोपालवासी मेट्रो में सफर कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मेट्रो को हरी झंडी दिखाने की संभावना है। इससे पहले कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम 24 सितंबर को भोपाल पहुंचेगी और 25-26 सितंबर को डिपो एवं ट्रैक का निरीक्षण करेगी।

किराया और छूट योजना

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत के 7 दिन यात्रियों को मुफ्त सफर का लाभ मिलेगा। इसके बाद पहले 3 महीनों तक टिकट पर क्रमशः 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट समाप्त होने पर न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम 80 रुपए होगा। यही मॉडल इंदौर मेट्रो में भी लागू किया गया था।

लाइन और ट्रैक की स्थिति

भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन के पहले फेज में सुभाषनगर से एम्स तक करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर मेट्रो दौड़ेगी। दूसरा फेज सुभाषनगर से करोंद तक अगले 2-3 साल में पूरा होगा। मेट्रो की ट्रायल रन के दौरान ट्रेन को 30-80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जा रहा है। बीच-बीच में 100-120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से भी टेस्टिंग की गई है।

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स्टेशन और अधूरे काम

एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशनों पर गेट लगाने समेत शेष कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने अगले 15 दिनों में सभी काम पूरे करने का लक्ष्य तय किया है। अक्टूबर में आपको मेट्रो में यह अनाउंसमेंट सुनाई देगा—

“अगला स्टेशन एम्स है। दरवाजे बाईं तरफ खुलेंगे। कृपया दरवाजों से हटकर खड़े हों…”

टिकट प्रणाली

अभी भोपाल मेट्रो में मैन्युअल टिकट सिस्टम ही लागू किया जाएगा। ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम संभाल रही तुर्की की कंपनी असिस गार्ड का टेंडर विवाद के बाद रद्द कर दिया गया है। नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है, जिसे पूरा होने में 2-3 महीने लग सकते हैं। जब तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती, इंदौर की तरह भोपाल में भी मैन्युअल टिकटिंग होगी।

यात्रियों की सुविधा पर जोर

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर मेट्रो के अनुभव से सबक लेते हुए भोपाल में किराया और संचालन समय-सारणी को लचीला रखा जाएगा। मेट्रो कॉर्पोरेशन का फोकस है कि कमर्शियल रन से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे कर, यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान किया जाए।

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