Advertisement

ग्रामीण क्षेत्रों में शारदीय नवरात्रि महापर्व का उत्साह चरम पर, श्रद्धालुओं में बढ़ी धार्मिक जागृति

बलरामपुर के ग्रामीण अंचलों में शारदीय नवरात्रि का उत्साह चरम पर, घर-घर कलश स्थापना और अखंड ज्योत से गूंजे माता रानी के जयकारे

 

बलरामपुर/छत्तीसगढ़। शारदीय नवरात्रि महापर्व की भक्ति लहर अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बलरामपुर जिले के गांव-गांव में भी देवी भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत से ही ग्रामीण अंचलों में अद्भुत उत्साह का माहौल बना हुआ है। बीते वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है और हिंदू समुदाय में धर्म और आस्था की नई जागृति दिखाई दे रही है।

बलरामपुर जिले के प्रमुख देवी मंदिरों, सामुदायिक भवनों और पंडालों को आकर्षक सजावट, फूलों की मालाओं और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। महिलाएं पारंपरिक पोशाक में सज-धज कर सामूहिक दुर्गा पाठ, दुर्गा चालीसा और भजन-कीर्तन में भाग ले रही हैं। वहीं युवा वर्ग ने गरबा और डांडिया जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर महापर्व को और भी जीवंत बना दिया है।

ग्रामीण परिवारों ने अपने घरों में विधिविधानपूर्वक कलश स्थापना की है। माता रानी की अखंड ज्योत प्रज्वलित कर श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत-पूजन कर रहे हैं। सुबह और शाम देवी भजनों की गूंज से गांव का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। बच्चे भी माता रानी के पंडालों की सजावट, फूल चढ़ाने और भजन गायन में उत्साहपूर्वक सहयोग कर रहे हैं।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

स्थानीय पुजारियों का कहना है कि इस बार बलरामपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि के आयोजनों में 20-25 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। कई गांवों में पहली बार सामूहिक दुर्गा पाठ, हवन और कन्या पूजन जैसी धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पूजा-पंडाल समितियों ने विशेष रूप से स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

कुछ स्थानों पर ग्रामीण युवाओं ने प्रभात फेरी निकालकर पूरे गांव में माता रानी के जयकारे गूंजाए। रात्रि के समय देवी पंडालों में भजन संध्या और रामचरितमानस पाठ से पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से भर गया। महिलाओं ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिन गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। इससे आपसी मेल-जोल, सहयोग और आस्था का भाव मजबूत होता है।

वरिष्ठ ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्रि के इस सामूहिक आयोजन से युवा पीढ़ी का धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ना सकारात्मक संकेत है। उनका मानना है कि ऐसे उत्सवों से न केवल परंपराएं जीवित रहती हैं, बल्कि समाज में एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी प्रबल होती है।

बलरामपुर जिले के गांव-गांव में गूंजते माता रानी के जयकारे और अखंड ज्योत की लौ इस बात का सजीव प्रमाण हैं कि शारदीय नवरात्रि महापर्व ग्रामीण समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना हुआ है।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47