
तेलंगाना: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BRS ऑफिस में की तोड़फोड़, झंडा फहराया – मनुगुरु में तनाव
तेलंगाना के खम्मम जिले के मनुगुरु में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BRS ऑफिस पर हमला कर दिया। फर्नीचर जलाया, कांग्रेस का झंडा लगाया। KTR ने कहा — कांग्रेस सरकार में ‘गुंडाराज’।
तेलंगाना में कांग्रेस और BRS कार्यकर्ताओं में भिड़ंत: मनुगुरु में BRS ऑफिस पर हमला, फर्नीचर जलाया, कांग्रेस ने लगाया झंडा
मनुगुरु (खम्मम, तेलंगाना)। रविवार को तेलंगाना के खम्मम जिले के मनुगुरु इलाके में कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BRS के स्थानीय कार्यालय पर हमला कर दिया, फर्नीचर में आग लगा दी और इमारत पर कांग्रेस का झंडा फहरा दिया।
वायरल वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ता BRS ऑफिस में घुसते और नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। झड़प के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची, आग पर काबू पाया गया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुराना विवाद: कांग्रेस का दावा — पार्टी संपत्ति पर BRS का कब्जा
यह मामला जुलाई 2020 से जुड़ा है, जब कांग्रेस का पुराना पार्टी कार्यालय BRS (तत्कालीन TRS) का कार्यालय बना दिया गया था। उस समय कांग्रेस विधायक रेगा कांता राव BRS में शामिल हो गए थे, जिसके बाद पार्टी कार्यालय को BRS के नियंत्रण में दे दिया गया था।
2020 में सीएलपी नेता भट्टी विक्रमार्का ने इस मुद्दे पर मनुगुरु में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि नगर पालिका के रिकॉर्ड में यह इमारत कांग्रेस की संपत्ति है, जिसे BRS ने अवैध रूप से कब्जा किया है।
BRS ने कांग्रेस पर लगाया ‘हिंसा’ का आरोप
घटना के बाद BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि —
“यह मौजूदा कांग्रेस सरकार के तहत कानून व्यवस्था की नाकामी और गुंडाराज की मिसाल है। BRS परिवार के 60 लाख कार्यकर्ता मनुगुरु के साथ खड़े हैं। कांग्रेस के गुंडों से डरने की जरूरत नहीं है, उनका अहंकार ज्यादा दिन नहीं चलेगा।”
पार्टी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए लिखा —
“कांग्रेस का मतलब है दबाव और दमन। जनता को ऐसे गुंडागर्दी से दबाने की कोशिश की गई तो जनता ही कांग्रेस नेताओं को जवाब देगी।”
पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई
घटना के बाद इलाके में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला और स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। दोनों दलों के नेताओं से कहा गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखें और उकसाने वाले बयानों से बचें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।









