बिहार हार की समीक्षा पर थरूर का जोर, हसन ने कहा— थरूर को कांग्रेस ने नौकरी पर रखा है

बिहार नतीजों के बाद कांग्रेस में खुला मतभेद

एनडीए की ऐतिहासिक जीत और महागठबंधन की करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर असंतोष साफ दिखाई देने लगा है।
कांग्रेस नेता एम.एम. हसन ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर के हालिया लेख और बयान पर खुलकर हमला बोला है।

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एम.एम. हसन का भारी बयान: “मैं राजनीति में नेहरू परिवार की वजह से आया, थरूर किस दम पर सवाल उठा रहे?”

हसन ने मीडिया से बात करते हुए कहा—

  • “मैं राजनीति में ही नेहरू परिवार के समर्थन से आया था। उसी वजह से मुझे उपलब्धियां मिलीं।”

  • उन्होंने कहा कि थरूर वही परिवार है जिसके बदौलत वे चुनाव जीते और सांसद बने, लेकिन आज उसी परिवार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

  • “मैंने उन्हें वोट दिया था, लेकिन देश और समाज के लिए उन्होंने कोई पसीना नहीं बहाया था।”

हसन ने यह भी तंज कसा—

  • “शशि थरूर को शायद कांग्रेस ने नौकरी पर रख लिया है… और अब वे उसी नौकरी के तहत राहुल गांधी पर अटैक कर रहे हैं।”


प्रचार में नहीं बुलाए जाने का भी रोष

एम.एम. हसन ने कहा—

  • उन्हें कांग्रेस ने बिहार कैंपेन में बुलाया ही नहीं

  • इसलिए वे अपने व्यक्तिगत अनुभव पर कुछ नहीं कहेंगे

  • प्रचार में शामिल रहे नेताओं को हार की असल वजह बतानी चाहिए

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  • बिहार जनादेश को देखते हुए गंभीर समीक्षा और चिंतन जरूरी है


पृष्ठभूमि: शशि थरूर ने क्या लिखा था?

कुछ दिन पहले शशि थरूर ने एक लेख में नेहरू–गांधी परिवार पर पारिवारिक वंशवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे।
इसकी पार्टी के भीतर काफी आलोचना हुई, और अब एम.एम. हसन ने भी उन पर तीखे सवाल उठाए हैं।


बिहार चुनाव: कांग्रेस का खराब प्रदर्शन

  • कांग्रेस ने 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन

  • अब तक सिर्फ 2 सीटों पर ही आगे/जीत

  • शशि थरूर ने इसे “बेहद निराशाजनक” बताया

  • उन्होंने कहा—
    “इतनी बुरी हार की समीक्षा होनी ही चाहिए… मुझे प्रचार में बुलाया भी नहीं गया था।”

थरूर ने साफ कहा कि—

  • कांग्रेस को रणनीति और संगठनात्मक कमजोरी समझनी होगी

  • गठबंधन में कांग्रेस सीनियर पार्टनर नहीं थी, इसलिए RJD को भी अपने प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए


हसन का अंतिम संदेश: “जनादेश साफ है, संगठन मजबूत होगा तभी संदेश जाएगा”

एम.एम. हसन ने कहा कि—

  • जनता का मूड साफ दिख गया है

  • असली सवाल संगठन की मजबूती का है

  • कांग्रेस के भीतर कई मुद्दे हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है