
Stock Market Crash: सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, वैश्विक संकेतों ने तोड़ी बाजार की कमर
वैश्विक संकेतों की कमजोरी, एफआईआई की लगातार बिकवाली और एशियाई बाजारों के भारी गिरने से भारतीय शेयर बाजार आज धड़ाम हो गया। सेंसेक्स 350 और निफ्टी 112 अंक गिरकर लाल निशान पर बंद हुए। जानें बाजार गिरावट की बड़ी वजहें।
Stock Market Update: वैश्विक संकेत बिगड़े, भारतीय बाजार धड़ाम — सेंसेक्स 350 और निफ्टी 112 अंक गिरा
नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले बेहद कमजोर संकेतों का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। गुरुवार की जोरदार रैली के बाद शुक्रवार को बाजार ने पूरी तरह घुटने टेक दिए। सुबह खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में फिसल गए और पूरे दिन बिकवाली हावी रही।
शुरुआत से ही दबाव — सेंसेक्स 350 अंक टूटा
सुबह 9:15 बजे ही बाजार का मूड बदल चुका था।
- सेंसेक्स −350.40 अंक (0.41%) गिरकर 85,282.28 पर
- निफ्टी −111.80 अंक (0.43%) टूटकर 26,080.35 पर
पूरे दिन घबराहट का माहौल बना रहा और निवेशकों ने लगातार मुनाफावसूली की।
क्यों टूटा बाजार? — 5 बड़ी वजहें
1. एशियाई बाजारों का धड़ाम होना
एशियाई मार्केट्स में भारी गिरावट ने भारतीय बाजार की कमर तोड़ दी।
- निक्केई: –2.37%
- कोस्पी: –4.05%
- हैंगसेंग: –2.07%
2. अमेरिकी बाजारों की खराब क्लोजिंग
बीती रात अमेरिका में भी भारी दबाव देखा गया:
- डाउ जोन्स –0.84%
- नैस्डेक –2.15%
- S&P 500 –1.56%
3. FII की बिकवाली ने बनाया बाजार को कमजोर
20 नवंबर को FIIs ने सिर्फ ₹283.65 करोड़ की खरीदारी की,
जबकि पूरे नवंबर महीने में वे ₹12,074 करोड़ की सेलिंग कर चुके हैं।
4. DIIs ने संभाला, वरना गिरावट और गहरी होती
DIIs ने ₹824 करोड़ की खरीदारी की और महीनेभर में कुल ₹51,159 करोड़ झोंके हैं।
इन्हीं की खरीदारी ने बाजार की गिरावट को थोड़ा थामे रखा।
5. सेक्टरों में चौतरफा कमजोरी
आज NSE का कोई भी सेक्टर हरे निशान में नहीं रहा।
सबसे ज्यादा गिरावट इन सेक्टरों में रही—
- बैंकिंग
- मेटल
- रियल्टी
- IT
- मीडिया
- फार्मा
सिर्फ FMCG और ऑटो सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली।
गुरुवार की रैली का उल्टा असर
गुरुवार को बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई थी—
- सेंसेक्स: +446 अंक
- निफ्टी: +140 अंक
- बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, रिलायंस: 2%+ उछाल
लेकिन एक ही रात में अंतरराष्ट्रीय संकेत बदल गए और शुक्रवार को पूरी तेजी धड़ाम हो गई।
वैश्विक अनिश्चितता, FII की बिकवाली और एशियाई-बाजार गिरावट ने आज भारतीय बाजार पर तगड़ा प्रहार किया। निवेशकों को फिलहाल सावधानी से कदम बढ़ाने की जरूरत है।











