कौन हैं नए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत? जानें पूरा सफर, परिवार और महत्वपूर्ण फैसले

भारत के नए CJI बने जस्टिस सूर्यकांत: साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पद तक का सफर

रायपुर/नई दिल्ली, 24 नवंबर 2025/जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के जजों के अलावा ब्राजील समेत सात देशों के मुख्य न्यायाधीश भी मौजूद थे।
जस्टिस सूर्यकांत ने शपथ के बाद अपने माता-पिता के चित्रों के सामने नमन किया और परिजनों का आशीर्वाद लिया।


मिडिल-क्लास परिवार से निकलकर CJI तक का सफर

जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार जिले में एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ।
उनके पिता मदनमोहन शास्त्री संस्कृत शिक्षक और साहित्यकार थे, जबकि मां शशि देवी गृहणी थीं।

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परिवार के बड़े भाई ऋषिकांत सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, दूसरे भाई शिवकांत डॉक्टर और तीसरे भाई देवकांत आईटीआई से रिटायर हुए हैं। बहन कमला देवी सबसे बड़ी हैं। सूर्यकांत पांचों भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं।

बचपन गांव में गुजरा, पढ़ाई में तेज रहे

  • 10वीं तक की पढ़ाई गांव में की।
  • इंजीनियरिंग कराने की पिता की इच्छा के बावजूद उन्होंने कानून को चुना।
  • गांव से उनका जुड़ाव आज भी बेहद मजबूत है।
  • वह हर साल गांव में दोनों स्कूलों के टॉपर्स को सम्मानित करते हैं।
  • अपने पूर्वजों के नाम पर बने तालाब पर जाकर समय बिताते हैं।
  • गांव का पारंपरिक खाना—बथुआ, बाजरे की रोटी और कढ़ी—आज भी उनका पसंदीदा है।

परिवार: पत्नी कॉलेज प्रिंसिपल रहीं, दो बेटियां पढ़ाई कर रही हैं

बड़े भाई देवकांत ने बताया कि

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  • जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत एक कॉलेज की प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं।
  • वह इंग्लिश की प्रोफेसर रही हैं।
  • उनकी दो बेटियां हैं—मुग्धा और कनुप्रिया, जो वर्तमान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

1987 में बिना दहेज के हुई थी शादी

भाई ऋषिकांत के अनुसार,
सूर्यकांत ने अपनी शादी के समय साफ कहा था—
“दहेज में एक चम्मच भी नहीं लूंगा।”
1987 में उनकी शादी जींद की सविता शर्मा से हुई।


महत्वपूर्ण फैसलों में निभाई अहम भूमिका

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल कई बड़े संवैधानिक मामलों के कारण चर्चित रहा। इनमें प्रमुख हैं—

  • अनुच्छेद 370 से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले
  • पेगासस जासूसी मामला
  • बिहार वोटर लिस्ट में 65 लाख छूटे वोटरों की जानकारी से जुड़ा मामला
  • बोलने की स्वतंत्रता और नागरिकता से जुड़े फैसले
  • राज्य विधानसभा द्वारा पास किए गए बिलों और गवर्नर–राष्ट्रपति की शक्तियों पर चल रही संवैधानिक सुनवाई की बेंच में भी उनकी अहम भूमिका

15 महीने तक रहेंगे CJI

जस्टिस सूर्यकांत ने जस्टिस बी.आर. गवई की जगह ली है।
वह 9 फरवरी 2027 को 65 वर्ष के होने पर सेवानिवृत्त होंगे।
अर्थात्, लगभग 15 महीने तक देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे।