दैनिक पंचांग: 25 अप्रैल 2026, शनिवार
सीता नवमी (जानकी जयंती) विशेष न्यूज़ अपडेट
भारतीय ज्योतिष और काल गणना में पंचांग का विशेष महत्व है। आज दिनांक 25 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जिसे पूरे भारत में सीता नवमी या जानकी जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। आज के दिन ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों का संयोग विशेष फलदायी रहने वाला है।
आज का विशेष: सीता नवमी (जानकी नवमी)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन ही माता सीता का प्राकट्य हुआ था। आज का दिन धैर्य, त्याग और शक्ति की प्रतिमूर्ति माता सीता को समर्पित है। आज मध्याह्न काल में पूजा का विशेष मुहूर्त बन रहा है।
- पूजा मुहूर्त: सुबह 11:01 से दोपहर 01:38 तक
- महत्व: आज व्रत रखने और जानकी स्तोत्र का पाठ करने से पारिवारिक सुख और शांति की प्राप्ति होती है।
पंचांग के मुख्य घटक (Main Elements)
| वार (Day) | शनिवार (Saturday) |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | शुक्ल पक्ष, नवमी – शाम 06:27 तक (इसके बाद दशमी) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | आश्लेषा – रात 08:04 तक (इसके बाद मघा नक्षत्र) |
| योग (Yoga) | गण्ड – रात 11:43 तक (इसके बाद वृद्धि योग) |
| करण (Karana) | कौलव – शाम 06:27 तक (इसके बाद तैतिल) |
| पक्ष (Paksha) | शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) |
| संवत (Samvat) | विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 |
सूर्योदय और चंद्रोदय गणना
सूर्य गणना
सूर्योदय: सुबह 05:46
सूर्यास्त: शाम 06:53
सूर्य राशि: मेष
चंद्र गणना
चंद्रोदय: दोपहर 01:09
चंद्रास्त: रात 02:31 (26 अप्रैल)
चंद्र राशि: कर्क (रात 08:04 तक, फिर सिंह राशि)
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन कोई भी नया कार्य शुरू करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए निम्नलिखित समय का ध्यान रखें:
दोपहर 11:53 से 12:46 तक
शाम 06:29 से रात 08:04 तक
दोपहर 02:30 से 03:23 तक
सुबह 04:10 से 04:58 तक
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल जैसे समय में मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं:
सुबह 09:05 से 10:41 तक
दोपहर 01:58 से 03:36 तक
सुबह 05:46 से 07:24 तक
सुबह 05:46 से 06:38 तक
आज के ग्रहों की स्थिति
आज का आकाश मंडल ग्रहों की अद्भुत युति दिखा रहा है। सूर्य देव मेष राशि में अपनी उच्च अवस्था के करीब हैं। शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा आज रात 08:04 पर अपनी राशि कर्क को छोड़कर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ केतु के साथ उनकी युति बनेगी।
नक्षत्र विश्लेषण: आश्लेषा
आज रात 08:04 तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा। इस नक्षत्र का स्वामी बुध है और देवता सर्प हैं। आश्लेषा नक्षत्र में जन्मे जातक चतुर और कूटनीतिज्ञ स्वभाव के होते हैं। आज के दिन इस नक्षत्र का प्रभाव व्यापारिक निर्णयों में तीव्रता लाएगा।
क्षेत्रीय प्रभाव (छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश)
आज का पंचांग मंत्र
“ॐ ह्रीं राम प्रिये नमः”
आज सीता नवमी पर इस मंत्र का जाप करना विशेष लाभकारी रहेगा। यह मानसिक शांति और परिवार में सुख-समृद्धि प्रदान करता है।
25 अप्रैल 2026 का पंचांग हमें यह सीख देता है कि समय के अनुसार कर्म करना ही सफलता की कुंजी है। आज शनिवार होने के कारण शनि देव की आराधना भी महत्वपूर्ण है। राहुकाल को छोड़कर अन्य शुभ मुहूर्तों में आप अपने कार्य सम्पन्न कर सकते हैं।











