सिंहस्थ 2028: उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए 491 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, सीएम डॉ. यादव ने दिए निर्देश





सिंहस्थ 2028: उज्जैन और ओंकारेश्वर में विकास कार्यों को मिली रफ्तार

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सिंहस्थ 2028 की तैयारी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 491.66 करोड़ के नए कार्यों को दी मंजूरी

उज्जैन/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य बनाने के संकल्प के साथ प्रशासनिक तैयारियों को गति दे दी है। मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में मुख्यमंत्री ने उज्जैन और आसपास के जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बैठक में 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

बेहतर रोड नेटवर्क और कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए रोड नेटवर्क का विस्तार प्राथमिकता है। उज्जैन में निम्नलिखित प्रमुख कार्यों को मंजूरी मिली है:

  • शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा: पुल और एप्रोच रोड निर्माण (लागत 30 करोड़)।
  • कान्ह नदी पर पुल: तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर नया पुल (लागत 12 करोड़)।
  • पंचक्रोशी मार्ग विकास: तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किमी लंबी दो-लेन सड़क (लागत 30 करोड़)।
  • चौड़ीकरण: देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक 2.5 किमी फोर लेन सड़क (लागत 18 करोड़) और कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक सड़क चौड़ीकरण (लागत 36.75 करोड़)।
  • अन्य कार्य: लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड (13.28 करोड़) और महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक नई सड़क (4 करोड़)।

ओंकारेश्वर का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और आपदा प्रबंधन हेतु विशेष निर्देश दिए हैं। ओंकारेश्वर के लिए स्वीकृत प्रमुख कार्य:

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  • मंदिर परिसर का विकास (160 करोड़) और नगर परिषद क्षेत्र में सीसी रोड निर्माण (12.63 करोड़)।
  • यात्री सुविधा: मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, और एडमिन ब्लॉक (24.99 करोड़), एवं 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग (38 करोड़)।
  • चिकित्सा और सुरक्षा: सर्वसुविधायुक्त अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर (4.74 करोड़), अस्पताल भवन उन्नयन (12.68 करोड़), तथा हेलीपैड का निर्माण।

प्रशासनिक समन्वय और आपदा प्रबंधन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के लिए एक पृथक प्राधिकरण गठित किया जाएगा ताकि विकास कार्यों का समन्वय बेहतर हो। साथ ही, पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम को अभी से संयुक्त प्रशिक्षण और अभ्यास करने के निर्देश दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण नीतिगत निर्देश

  • घाट प्रबंधन: शिप्रा घाटों के प्रबंधन को स्थानीय आश्रमों और गुरुकुलों से जोड़ा जाएगा, ताकि उनका दीर्घकालिक उपयोग सुनिश्चित हो सके।
  • अतिक्रमण हटाना: मार्ग चौड़ीकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में कोई भेदभाव नहीं होगा और प्रभावितों को तत्काल मुआवजा दिया जाएगा।
  • पर्यावरण: उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • निजी क्षेत्र की भागीदारी: देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन में श्रद्धालुओं के लिए आवासीय सुविधा और पार्किंग के लिए निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • मूर्तिकला केंद्र: उज्जैन को मूर्तिकला केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। महाकाल लोक में फायबर की जगह पत्थर और धातु से निर्मित 99 नई प्रतिमाएं स्थानीय मूर्तिकारों के सहयोग से स्थापित की जा रही हैं।

बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सहित संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रयास सिंहस्थ 2028 को विश्व पटल पर एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित करेंगे।