संसद में ‘जय हिंद-वंदे मातरम’ पर रोक का फैसला, ममता बनर्जी भड़कीं— बोलीं: “हम ये नारे क्यों नहीं बोलेंगे?”
राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी नए बुलेटिन में सांसदों को अपने भाषण के अंत में ‘जय हिंद’, ‘वंदे मातरम’, ‘थैंक्स’ और ‘थैंक यू’ जैसे शब्दों का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। यह निर्देश आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।
सबसे कड़ी प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से आई है। उन्होंने कहा—
“क्यों नहीं बोलेंगे? हम बांग्ला में ‘जय बांग्ला’ बोलते हैं, वंदे मातरम कहते हैं। यह हमारी आजादी का नारा है। जय हिंद नेताजी का नारा है। इससे जो टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा।”
राज्यसभा के दिशानिर्देश में क्या कहा गया है?
बुलेटिन में राज्यसभा ने कहा कि—
- सांसद अपने भाषण का अंत “थैंक्स, थैंक यू, जय हिंद, वंदे मातरम” जैसे शब्दों से न करें।
- संसद की परंपरा ऐसे स्लोगन की अनुमति नहीं देती।
- यदि कोई सांसद किसी मंत्री की आलोचना करता है, तो मंत्री के जवाब के समय उसे सदन में मौजूद रहना होगा।
- सांसद वेल में आकर किसी वस्तु का प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे।
- अनुशासन और गरिमा बनाए रखने के लिए कई अन्य व्यवहारिक निर्देश जोड़े गए हैं।
ममता बनर्जी ने केंद्र पर साधा निशाना
कोलकाता में मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा—
“हम वंदे मातरम और जय हिंद बोलते हैं। यह देश का नारा है। हम आजादी की लड़ाई ऐसे ही लगे थे। कोई रोक नहीं सकता। यह निर्णय गलत है।”
उनके बयान का वीडियो TMC ने X पर भी शेयर किया है।
विपक्ष के कई नेताओं ने जताया विरोध
इस नए नियम पर कई विपक्षी दलों ने भी आपत्ति जताई है और कहा है कि देशभक्ति के नारों को रोकना अनावश्यक है।











