
दिल्ली: बाबा चैतन्यानंद पर 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में चार्जशीट पर संज्ञान
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर आधारित मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने पुलिस की 1077 पन्नों की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। चार्जशीट में चैतन्यानंद सरस्वती और तीन अन्य महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग, धमकाने और सबूत मिटाने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। 55 दिन फरार रहने के बाद चैतन्यानंद को आगरा से गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान उन्होंने तिहाड़ जेल में एक ASI पर हाथापाई करने का आरोप भी लगाया। अदालत ने इस शिकायत पर 29 नवंबर को सुनवाई तय की है।
स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती पर 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला: पटियाला हाउस कोर्ट ने चार्जशीट पर लिया संज्ञान
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस द्वारा दायर 1077 पन्नों की चार्जशीट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अनिमेश कुमार ने प्रारंभिक आपत्तियों के समाधान के बाद चार्जशीट स्वीकार कर ली और मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
चार्जशीट में 43 गवाहों के बयान शामिल
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में चैतन्यानंद सरस्वती, भावना कपिल, श्वेता और काजल को मुख्य आरोपी बनाया है। उन पर निम्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं—
- यौन उत्पीड़न (BNS 75-2)
- महिला की गरिमा भंग (BNS 79)
- झूठा बयान देने के लिए धमकाना (BNS 232)
- गंभीर नुकसान की धमकी (BNS 351-3)
- सबूत मिटाना (BNS 238-B)
इन धाराओं में अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने 43 गवाहों के बयान भी चार्जशीट में शामिल किए हैं।
17 छात्राओं की शिकायत के बाद मामला दर्ज
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब पहली छात्रा ने शिकायत की। बाद में कई अन्य छात्राएं भी आगे आईं। दिल्ली पुलिस ने 4 अगस्त 2025 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले चैतन्यानंद पिछले 12 वर्षों से दिल्ली स्थित आश्रम में रह रहे थे। वर्ष 2009 में भी उनके खिलाफ इसी तरह का एक मामला दर्ज हो चुका है।
55 दिन फरार रहने के बाद गिरफ्तारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद चैतन्यानंद 55 दिनों तक फरार रहे और अंततः 28 सितंबर 2025 को आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किए गए। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
तिहाड़ जेल में मारपीट का आरोप
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए चैतन्यानंद ने आरोप लगाया कि तिहाड़ जेल में एक ASI ने उनके साथ हाथापाई की है। उन्होंने अदालत को बताया कि वे सीनियर सिटीजन हैं और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया है।
अदालत ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 29 नवंबर 2025 को इस मामले की सुनवाई तय की है।












